भारत में जब भी कोई व्यक्ति लोन लेने की सोचता है, तो बैंक सिर्फ आयकर रिटर्न (ITR) पर भरोसा नहीं करते हैं। खासकर स्व-नियोजित लोगों के लिए, बैंक स्टेटमेंट उनकी असली आर्थिक स्थिति का आईना बन जाता है। इसमें न सिर्फ यह दिखता है कि आपके खाते में कितनी रकम आती है, बल्कि यह भी कि आप उसे कैसे खर्च करते हैं और बचत का कितना अनुशासन रखते हैं।
