क्या आम आदमी के सपने होंगे सच? Fixed Deposit पर मिलने वाला ब्याज 10% होगा। देश में कई समॉल फाइनेंस बैंक 9.5 फीसदी का ब्याज ऑफर कर रहे हैं। ऐसे में अगर RBI रेपो रेट को बढ़ाता है तो ये एफडी पर मिलने वाला 9.5 फीसदी का ब्याज 10 फीसदी तक पहुंच सकता है। हालांकि, ऐसा होने की उम्मीद बहुत कम है। सभी की निगाहें 8 दिसंबर 2023 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हर दो महीने में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की घोषणा पर टिकी हैं। जहां किसी भी तरह की दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम लगती है। हालांकि, अभी दरों में कटौती की संभावना भी कम है। RBI की पिछली मौद्रिक नीति की बैठक में शक्तिकांत दास ने कहा था कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की अभी भी गुंजाइश है।
FD इंटरेस्ट रेट : क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों की FD पर ब्याज दर 10% तक पहुंच जाएंगी?
अब बढ़ती ब्याज दरों का समय खत्म हो गया है या एफडी की ब्याज दरें और बढ़ने की उम्मीद आम लोग कर सकते हैं? क्या आने वाले महीनों में में एफडी पर ब्याज दरें 10% तक पहुंचेगी? ये एक बड़ा सवाल है लेकिन इसकी संभावना न के बराबर है। एक्सपर्ट का मानना है कि RBI ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने की उम्मीद ज्यादा है। अगर ऐसा होता है तो एफडी की ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम रहेगी। FD की ब्याज दरों में तब तक बदलाव नहीं होगा जब तक RBI रेपो रेट को नहीं बढ़ाता। कई छोटे फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन को एफडी पर 9.2% से 9.5% ब्याज ऑफर कर रहे हैं। इनमें से एक यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक सीनियर सिटीजन को 1001 दिनों में मैच्योर होने वाली एफडी पर 9.5% की ब्याज दर दे र रहा है। फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 750 दिनों की एफडी पर 9.21% का ब्याज दे रहा है।
क्या RBI बढ़ाएगा रेपो रेट?
रेपो रेट के आधार पर बैंकों एफडी की ब्याज दरें तय करती है। एफडी की ब्याज दरें और रेपो रेट लगभग साथ साथ चलती है। जब रेपो रेट बढ़ता है तो आमतौर पर एफडी पर ब्याज दरें भी बढ़ जाती हैं। इसी तरह जब केंद्रीय बैंक रेपो रेट में कटौती करता है, तो एफडी की दरें भी कम हो जाती हैं। ज्यादातर एक्सपर्ट का मानना है कि ब्याज दरों में बदलाव की उम्मदी कम है। रेपो रेट 6.50 फीसदी पर रह सकती है। अब बड़ा सवाल है कि अगर RBI मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करता है तो क्या बैंक ब्याज दरें और बढ़ाएंगे? एक्सपर्ट के मुताबिक एफडी पर मिलने वाला ब्याज RBI के फैसले पर निर्भर नहीं करता है। बैंक की अपनी कॉस्ट भी एफडी की ब्याज दरें तय करने का काम करती है।