19 जून, 2010
सीएनबीसी आवाज़
आपको क्रेडिट कार्ड के ऐसे कितने बिल मिले हैं जो आपके अनुसार असंगत एवं अन्यायपूर्ण हैं? तब क्या होता है जब आप भुगतान से इंकार करते हैं? आपको बढ़ती हुई राशि के साथ हर महीने बिल मिलता रहता है। यानी आप भुगतान में जितनी देर करते हैं, उतनी भुगतान की राशि बढ़ती जाती है। यदि आप भी ऐसे ही किसी चक्कर में फंस गए हैं तो हम आपको कुछ युक्तियां सुझा सकते हैं।
चरण 1: सबसे पहले बैंक में शिकायत दर्ज करें
बैंक के साथ लिखित में शिकायत दर्ज करें एवं शिकायत के लिए एक संदर्भ संख्या एवं रसीद प्राप्त करें। इसकी एक प्रति अपने पास रखना याद रखें। साथ ही अपनी शिकायत बैंक की वेबसाइट पर भी दर्ज करें।
लिखित शिकायत करने के बाद बैंक को कार्यवाही के लिए समय दें। यदि बैंक एक या दो सप्ताह में जवाब नहीं देता है तो बैंक प्रबंधक से बात करें। यदि बैंक आपके शिकायत दर्ज करने के बाद महीने भर तक कोई कार्यवाही नहीं करता है तो समझिए कि वक्त आ गया कोई ठोस कदम उठाने का। अब आप बैंक के प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी के पास अपने शिकायत लेकर जा सकते हैं।
चरण 2: बैंक के प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी के पास जाएं
आप अपनी शिकायत उनकी ओंबुड्समेंट वेबसाइट के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं या अपने निकटवर्ती शाखा तक जा सकते हैं जो आपके न्यायाधिकार क्षेत्र में है।
अपनी उचित रूप से हस्ताक्षरित लिखित शिकायत सभी आवश्यक जानकारियों जैसे नाम, पता, एवं अन्य सहायक दस्तावेजों जो आपके शिकायत से संबंधित हैं, के साथ प्रस्तुत करें। इसके साथ ही उस बैंक का नाम, शाखा का पता ज़रूर लिखें जिसके विरुद्ध आप शिकायत करना चाहते हैं।
याद रखें: बैंक का प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी जांच पर कार्यवाही कभी भी रोक सकता है यदि:
उसे लगता है कि शिकायत गंभीर नहीं है
आपने बैंक के समक्ष पहले शिकायत दर्ज नहीं की है
बैंक ने शिकायत निरस्त कर दी है या संतुष्टिजनक जवाब दे दिया है
यदि आपने अपनी शिकायत दर्ज करने से पहले सारी तैयारी नहीं की है या आपके पास पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं तो प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी आपकी शिकायत नहीं सुनेगा। इसलिए ध्यान रखें कि आपकी बैंक के साथ हुई समस्त गतिविधियों का रिकॉर्ड आपके पास हो।
शिकायतकर्ता को कोई नुकसान या क्षति या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता है।
आपको अपनी शिकायत के एक माह के बाद, माह के अंत में बैंकिंग प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी के पास अपनी शिकायत लेकर जाना चाहिए। यदि आप एक शिकायत दर्ज करने के लिए साल भर इंतज़ार करते हैं तो इसे वैध नहीं माना जाता।
बैंकिंग प्रशासनिक शिकायत जाँच अधिकारी का निर्णय अंतिम माना जाएगा। इसलिए, यदि आप समान शिकायत फिर से दर्ज करते हैं तो वह निरस्त हो जाएगी। बैंकिंग ओंबुड्समेंट के नियमों के अनुसार शिकायत पर पहले से कोई कानूनी कार्यवाही या कोर्ट केस नहीं होना चाहिए या वह किसी ऐसे मामले में नहीं होना चाहिए जिस पर पहले ही कोई कानूनी निर्णय दिया जा चुका है।
