आपको अपनी पसंद की जॉब दिलाने में भी मददगार हो सकता है क्रेडिट स्कोर

स्थानीय बैंकों के अलावा, कई मल्टीनेशनल कंपनियां (मसलन सिटी बैंक, डोएचे बैंक, टी सिस्टम्स) भी हैं, जो बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री की जांच करती हैं। एंप्लॉयर्स की ज्यादा दिलचस्पी संभावित उम्मीदवारों की क्रेडिट हिस्ट्री के बजाय उनके क्रेडिट स्टोर में होती है। हायरिंग से पहले एंप्लॉयर्स द्वारा किसी उम्मीदवार के क्रेडिट स्कोर की जांच करना गैर-कानूनी नहीं है

अपडेटेड Dec 31, 2023 पर 6:42 PM
बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों को कुछ महीने एडवांस में ही अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर लेना चाहिए।

वड़ोदरा के कॉमर्स ग्रेजुएट जुगल दलाल (बदला हुआ नाम) ने एक सरकारी बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के लिए अप्लाई किया था। हालांकि, दलाल के खराब क्रेडिट स्कोर की वजह से उनका ऐप्लिकेशन खारिज हो गया। दलाल ने कई क्रेडिड कार्ड का पेमेंट नहीं किया था और इस वजह से उनकी क्रेडिट हिस्ट्री पर बुरा असर पड़ा था। इस आधार पर खारिज किए जाने वाले उम्मीदवारों में दलाल भी शामिल थे।

टीमलीज डिग्री एप्रेंटिशिप में वाइस प्रेसिडेंट, धृति प्रसन्ना महंता ने बताया, 'बैंकों को उनकी भर्ती में मदद करने वाली संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन (IBPS) ने बैंकों में क्लर्क और प्रोबेशनरी ऑफिसर की भर्ती के लिए कम से कम 650 क्रेडिट स्कोर होने की शर्त तय की है।' डिजिटल लेंडिंग कंसल्टेंट पारिजात गर्ग ने बताया, 'स्थानीय बैंकों के अलावा, कई मल्टीनेशनल कंपनियां (मसलन सिटी बैंक, डोएचे बैंक, टी सिस्टम्स) भी हैं, जो बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के दौरान आवेदक की क्रेडिट हिस्ट्री की जांच करती हैं।' बेहतर क्रेडिट स्कोर बेहतर साख का संकेत माना जाता है।

जॉब्स से जुड़े विज्ञापन और क्रेडिट स्कोर

बैंक आजकल भर्ती से जुड़े अपने विज्ञापनों में बेहतर क्रेडिट स्कोर की अहमियत को प्रमुखता से पेश कर रहे हैं। मिसाल के तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मार्च 2022 में प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए विज्ञापन निकाला था। विज्ञापन में कहा गया था कि जिन उम्मीदवारों ने किसी भी बैंक/नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी से लोन के मामले में डिफॉल्ट किया है और अगर उन्होंने नियुक्ति पत्र जारी होने की तारीख तक बकाया रकम का भुगतान नहीं किया है, तो इस पद पर भर्ती के योग्य नहीं होंगे।


टैलेंट सॉल्यूशंस कंपनी NLB सर्विसेज में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, ऑपरेशंस निखिल आनंद ने बताया, 'बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर में रोजगार के लिए क्रेडिट रिपोर्ट की समीक्षा का प्रचलन काफी आम है। दरअसल, यह प्रचलन बाकी सेक्टरों में भी आम हो सकता है।'

क्यों होती है आवेदक के क्रेडिट प्रोफाइल की जांच?

एंप्लॉयर्स की ज्यादा दिलचस्पी संभावित उम्मीदवारों की क्रेडिट हिस्ट्री के बजाय उनके क्रेडिट स्टोर में होती है। डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म में एचआर हेड मोनिका मिश्रा ने बताया, ' किसी शख्स की क्रेडिट हिस्ट्री उसके बारे में काफी कुछ बयां करती है, खास तौर पर इससे यह पता चलता है कि वह वित्तीय रूप से कितना जिम्मेदार है।' जानकारों के मुताबिक, 650 से ज्यादा का क्रेडिट स्कोर हायरिंग की संभावनाओं को बेहतर बनाता है।

क्या आवेदकों के क्रेडिट स्कोर की जांच करना वैध है?

हायरिंग से पहले एंप्लॉयर्स द्वारा किसी उम्मीदवार के क्रेडिट स्कोर की जांच करना गैर-कानूनी नहीं है। महंता ने बताया, 'रिजर्व बैंक ने बैंकिंग सेक्टर में एंप्लॉयी क्रेडिट जांच के लिए दिशा-निर्देश तय किए हैं।' हालांकि, कोई एंप्लॉयर सीधे तौर पर किसी आवेदक के क्रेडिट स्कोर या क्रेडिट हिस्ट्री की जांच नहीं कर सकता। एंप्लॉयर बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के लिए आवेदक से सहमति लेकर क्रेडिट प्रोफाइल की जांच सकता है।

नौकरी के आवेदकों को क्या करना चाहिए?

बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़ी नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों को कुछ महीने एडवांस में ही अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर लेना चाहिए। एक एक्सपर्ट ने बताया, ' अगर क्रेडिट रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी है, तो आवेदक को इस बारे में जानकारी हासिल कर बैंक और क्रेडिट ब्यूरो की मदद से सही करवाना चाहिए।' लोगों को यह भी समझने की जरूरत है कि उनका क्रेडिट स्कोर बेहतर होने में समय लगता है और इसे आनन-फानन में दुरुस्त नहीं किया जा सकता है। जानकारों के मुताबिक, आपके क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने में कम से कम 6 महीने लगते हैं।

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