पूरी दुनिया में कोरोना वायरस लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था खस्ता हो गई है। लोगों की नौकरियां छूट रही हैं। ऐसे हालात में अगर आपने लोन लिया है या आप किसी के लोन के गारंटर बने हैं, तो आपके लिए अलग मुसीबत खड़ी हो गई। हालांकि EMI भरने के लिए RBI ने मोरोटोरियम दिया है, जिसे बढ़ाकर अगस्त तक कर दिया है। इससे आपके लोन की EMI भरने का समय टल गया है, लेकिन खतरा नहीं हटा है। यानी एक न एक दिन आपको लोन कि किस्त चुकाना ही पड़ेगा।
अगर लोन का डिफॉल्ट होना उन लोगों के लिए एक बुरी खबर है जो मित्र, रिश्तेदारों के लोन गारंटर बने हैं। बैंक आमतौर पर गारंटर पर जोर नहीं देते हैं, लोकिन जब उनको उनको लोन की वापसी नहीं होती है तब उन्हें लोन चुकाए जाने पर संदेह होता है। 

किसी का गारंटर बनने से पहले सोच लें

लोन लेने वाला व्यक्ति आमतौर पर अपने नजदीकी दोस्त या परिवार के किसी सदस्य को टैप करता है। अगर आपसे कोई गारंटर बनने के लिए कहता है तो सबसे पहले आपको उसकी क्षमता का आकलन कीजिए कि क्या वो लोन चुका सकता है।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Goa Institute of Management) के बैंकिंग एंड फाइनेंस (Banking & Finance) के प्रोफेसर D. N. पाणिग्रही कहते हैं कि एक गारंटर को बैंक की तरह लोन लेने वाले की जांच करनी चाहिए। उसको यह तय करना चाहिए लोन लेने वाला व्यक्ति पूरी तरह से ईमानदार है और उसके पास लोन भरने की क्षमता है। वहीं IndianMoney. Com के फाउंडर और CEO सी.एस. सुधीर कहते हैं कि अधिकतर लोग अच्छे संबंधों को बनाए रखने के लिए गारंटर बन जाते हैं, बाद में लोन नहीं चुकाने पर उनके संबंधों में खतरा पैदा हो जाता है।

जोखिम को समझें
ज्यादातर लोग जानते हैं कि अगर कर्ज लेने वाला व्यक्ति लोन नहीं चुका पाता है तो इसका भार गारंटटर पर पड़ता है। हालांकि गारंटर के लिए ऐसे और भी कई तरह के जोखिम हैं। किसी और के लोन के गारंटर बनने पर लोन नहीं चुकाए जाने पर जब आप लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो आपकी एलिजबिलिटी पर फर्क पड़ सकता है। देनदारी (liability) के मामले में कर्ज लेने वाले और गारंटर में कोई खास फर्क नहीं है। फर्क सिर्फ कैश फ्लो का होगा। पैसा बाजार (Paisabazaar) के डायरेक्टर गौरव अग्रवाल कहते हैं कि गारंटर बनने से पहले व्यक्ति को भविष्य की अपनी लोन की जरूरतों के बारे में विचार कर लेना चाहिए। 

अब आप क्या करें

अगर आप गारंटर हैं तो आपको हमेशा अलर्ट रहना चाहिए। नियमति तौर पर आपको लोन लेने वाले व्यक्ति के संपर्क में रहना चाहिए। आप लोन वाले व्यक्ति की क्रेडिट स्कोर की जांच करें।

कैसे निकलें बाहर

गारंटर बन गए हैं, उससे बाहर निकलने के कई कारण हो सकते हैं। एक कारण ये भी हो सकता है कि आप खुद लोन लेना चाहते हैं। हालांकि एक बैंक गारंटर को हटनेकी मंजूरी तभी देता है, जब लोन लेने वाला व्यक्ति कोई दूसरा गारंटर ढूंढ लेता है। यहां तक कि गल लोन लेने वाला व्यक्ति गारंटर ढूंढ लेता है तो यह बैंक के विवेक पर निर्भर करता है कि वो आपको गारंटर से हटने की अनुमति देता है या नहीं। 

डिफॉल्ट होने पर क्या करें

अगर लोन वाले व्यक्ति नियमित तौर पर कर्ज नहीं चुका रहा है तो सबसे पहले उस सामाजिक दबाव या पारिवारिक दवाब डालें। अगर फिर भी नहीं मानता है तो फिर कानून रास्ता देखें।  गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (Goa Institute of Management) के बैंकिंग एंड फाइनेंस (Banking & Finance) के प्रोफेसर D. N. पाणिग्रही कहते हैं कि इंडियन कॉन्ट्रैक्ट एक्ट (Indian Contract Act) के तहत गारंटर को लोन लेने वाले व्यक्ति से पैसा वसूलने का अधिकार है। 

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