NBFC को एसेट क्वालिटी नॉर्म्स से नहीं मिलेगी छूट, RBI ने किया इनकार

केंद्रीय बैंक ने एबीएफसी लॉबी ग्रुप एफआईडीसी से कहा, उसने सभी लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस पर समान एसेट क्वालिटी नॉर्म्स लागू किए हैं और इनसे छूट की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता है

अपडेटेड Dec 17, 2021 पर 4:18 PM
एनपीओ को लेकर आरबीआई ने सख्त किए हैं नियम

रिजर्व बैंक (RBI) ने नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) के उस अनुरोध को खारिज कर दिया है, जिसमें आय की पहचान, एसेट क्लासिफिकेशन और प्रोविजनिंग से जुड़े नॉर्म्स को लचीला बनाने की मांग की गई थी। इससे एनबीएफसी कंपनियों के बैड लोन में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

केंद्रीय बैंक ने एबीएफसी लॉबी ग्रुप फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (एफआईडीसी) को बताया कि यह सभी लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस पर समान दूरदर्शी एसेट क्वालिटी नॉर्म्स लागू करने का इरादा रखता है और इनसे छूट की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।

बढ़ जाएगा एनबीएफसी कंपनियों का एनपीए

आरबीआई ने 13 दिसंबर को एफआईडीसी को भेजे अपने पत्र में कहा, “हम इन दूरदर्शी नॉर्म्स से छूट देने के आपके अनुरोध को स्वीकार करने में असमर्थ हैं।” सेक्टर पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों ने कहा, “सख्त नियमों से इस वित्त वर्ष के अंत तक एनबीएफसी के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स 3000 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ने का अनुमान है।” आरबीआई ने कहा, इस साल मार्च के अंत तक एनबीएफसी सेक्टर का कुल एनपीए 6.4 फीसदी था।


टॉप 30 एनबीएफसी का एनपीए 84,000 करोड़ से ज्यादा

इकरा रेटिंग्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों सहित टॉप 30 एनबीएफसी कंपनियों का एनपीए सितंबर के अंत तक 84,000 करोड़ रुपये है।

12 नवंबर को जारी सर्कुलर में आरबीआई ने एनबीएफसी सहित सभी लेंडर्स को 90 दिनों से ज्यादा बकाया होने पर बैड लोन की मान्यता देने और ऐसे खातों को पूरा बकाया चुकाए जाने की स्थिति में ही अपग्रेड करने के निर्देश दिए थे।

बैंक करते रहे हैं इस नियम का पालन

बैंक इस नियम का पालन कर रहे हैं। एनबीएफसी विशेष से रूप से छोटी कंपनियां अक्सर इससे बच जाती हैं और आंशिक भुगतान मिलने पर भी ऐसे एनपीए खातों को अपग्रेड कर देती हैं। आरबीआई ने कहा, “सभी लेंडिंग इंस्टीट्यूशंस को इसका कंप्लायंस सुनिश्चित करना होगा।” इस मामले में केंद्रीय बैंक से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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