Bank Privatisation पर पिछले महीने RBI की एक रिपोर्ट आई थी। इसमें कहा गया था कि सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन से फायदा कम नुकसान ज्यादा होगा। इसमें यह भी कहा गया था कि फाइनेंशियल क्लूजन (Financial Inclusion) जैसे सोशल ऑब्जेक्टिव्स के मामले में सरकारी बैंकों का रिकॉर्ड प्राइवेट बैंकों से अच्छा है। इस रिपोर्ट के बाद बैंकों के निजीकरण को लेकर नई बहस शुरू हो गई। अब RBI के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव (D Subbarao) ने इस बारे में अपनी राय रखी है।
