बड़े बैंकों ने बढ़ाया गोल्ड लोन मार्केट पर फोकस, कम इंटरेस्ट पर पर दे रहे लोन

अब तक गोल्ड लोन मार्केट (Gold Loan Market) में एनबीएफसी (NBFC) का दबदबा रहा है। लेकिन, अब बैंक उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वे ग्राहकों को अट्रैक्ट करने के लिए कम इंटरेस्ट रेट्स पर गोल्ड लोन ऑफर कर रहे हैं

अपडेटेड Apr 18, 2023 पर 5:31 PM
एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड लोन मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ी है। बड़े बैंकों ने गोल्ड लोन के अपने सेगमेंट में स्ट्रक्चरल बदलाव किए हैं। वे छोटी एनबीएफसी के साथ पार्टनरशिप भी कर रहे हैं।

बड़े बैंक ने गोल्ड लोन मार्केट पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। अब तक गोल्ड लोन मार्केट (Gold Loan Market) में एनबीएफसी (NBFC) का दबदबा रहा है। लेकिन, अब बैंक उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। वे ग्राहकों को अट्रैक्ट करने के लिए कम इंटरेस्ट रेट्स पर गोल्ड लोन ऑफर कर रहे हैं। HDFC Bank के गोल्ड लोन में साल दर साल आधार पर अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। FY22 में बैंक ने 32,870 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन दिया था। यह FY23 में बढ़कर 39,126 करोड़ रुपये हो गया। यह एक साल में 16 फीसदी ग्रोथ है। सरकारी बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा का गोल्ड लोन साल दर साल आधार पर 62 फीसदी बढ़ा है।

सीएसबी बैंक की गोल्ड लोन बुक में उछाल

केरल के CSB बैंक की गोल्ड लोन बुक तिमाही दर तिमाही आधार पर 51 फीसदी बढ़ी है। दिसंबर 2021 तिमाही में यह 5,825 करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2022 में बढ़कर 8,780 करोड़ रुपये हो गया। यह 51 फीसदी वृद्धि है। Emkay Global Financial Services के एनालिस्ट आनंद दामा ने कहा कि एचडीएफसी बैंक ने गोल्ड लोन मार्केट का फायदा उठाने के लिए आक्रामक रणनीति अपनाई है। इसकी वजह यह है कि गोल्ड लोन का बैंक की एसेट क्वालिटी पर खराब असर नहीं पड़ता है। एचडीएफसी बैंक ने उन ब्रांचेज की पहचान की है, जिनके जरिए गोल्ड मार्केट में पैठ बढ़ाई जा सकती है।


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अब तक कुछ एनबीएफसी का रहा है दबदबा

अब तक कुछ एनबीएफसी का गोल्ड लोन मार्केट में दबदबा रहा है। इनमें Muthoot Finance और Manappuram Finance शामिल हैं। एक तरफ जब देश के बड़े बैंकों के गोल्ड लोन बुक में इजाफा दिख रहा है वही इन दोनों एनबीएफसी की गोल्ड लोन बुक में मामूली वृद्धि दिखी है। जून 2022 तिमाही में मुथूट फाइनेंस का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 56,200 करोड़ रुपये था। यह दिसंबर 2022 में मामूली वृद्धि के साथ 56,800 करोड़ रुपये हो गया। मण्णपुरम फाइनेंस का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो जून 2022 तिमाही में 20,100 करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2022 तिमाही में घटकर 18,100 करोड़ रुपये पर आ गया।

गोल्ड में स्थिरता से एनबीएफसी को लॉस

इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के एसोसिएट डायरेक्टर जिनय गाला ने कहा, "FY23 के पहले 9 महीनों में गोल्ड की कीमतों में ज्यादा उछाल देखने को नहीं मिला। इसका असर गोल्ड लोन देने वाली एनबीएफसी के बिजनेस पर पड़ा। इसके अलावा एनबीएफसी के लिए ब्रांच लेवल पर रेस्ट्रिक्शन है, जिसका उनके बिजनेस पर खराब असर पड़ा है।"

रेगुलेटरी चेंजेज से भी बैंकों को मिल रही मदद

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड लोन मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ी है। बड़े बैंकों ने गोल्ड लोन के अपने सेगमेंट में स्ट्रक्चरल बदलाव किए हैं। वे छोटी एनबीएफसी के साथ पार्टनरशिप भी कर रहे हैं। केयर रेटिंग्स में बीएफएसआई के डायरेक्टर सुधाकर प्रकाशम ने कहा कि बड़े बैंकों ने एक-दो साल पहले गोल्ड लोन सेगमेंट पर फोकस बढ़ाना शुरू किया था। रेगुलेटरी चेंजेज की वजह से भी बैंकों को गोल्ड लोन में अपनी पैठ बढ़ाने में मदद मिली है।

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