सैलरी क्लास लोगों के लिए अब जल्द ही दोहरी मार पड़ सकती है। यूनियन बजट और हाल ही में लगू वेज कोड के प्रभावी होने पर सैलरी क्लास कर्मचारियों की टेकहोम सैलरी और रिटायरमेंट सेविंग दोनों पर तगड़ी मार पड़ सकती है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने सोमवार को प्रोविडेंट फंड के 2.50 लाख रुपये तक के निवेश पर मिलने वाले टैक्स फ्री रिटर्न को खत्म करने की घोषणा कर दी है। ज्यादातर सैलरी क्लास कर्मचारियों के लिए PF रिटायरमेंट के लिए पैसा जुटाने का सबसे बेहतर तरीका है।
अभी तक PF के पैसे को टैक्स फ्री रिटर्न हासिल करने के लिए निवेश करने पर कोई भी सीमा (कैप) लागू नहीं थी। पिछले साल के बजट में इसके लिए 7.5 लाख तक प्रति वर्ष की सीमा लगा दी गई। अब एम्पलॉय प्रोविडेंट फंड स्कीम (employee provident fund schemes) में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा के कंट्रीब्यूशन पर विदड्रॉ के समय टैक्स लगेगा। इसके साथ ही 2019 के वेज कोड के मुताबिक, PF में कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन बढ़ाया जाएगा। इससे भी टेकहोम सैलरी कम होगी। नए नियमों को पालन को लिए इम्पलॉयर (कंपनी) को बेसिक सैलरी में इजाफा करना होगा। इससे वर्कर्स और कंपनी की तरफ से PF कंट्रीब्यूशन में बढ़ोतरी होगी।
उदाहरण के तौर पर मान लें कि अमित की बैसिक मंथली इनकम 1,00,000 रुपये है। उसका PF कंट्रीब्यूशन 20,000 रुपये है। वेज कोड लागू होने के बाद अमित का PF कंट्रीब्यूशन 25,000 रुपये हो जाएगा। इससे टेक-होम सैलरी 5,000 रुपये कम हो जाएगी। अब अमित का जब PF कंट्रीब्यूश बढ़ जाएगा तो बजट 2021 के मुताबिक 2.50 रुपये से ऊपर के PF पर टैक्स लगेगा। इस तरह से कर्मचारियों की जो PF की सेविंग है उस पर भी मार पडेगी।
कुल मिलाकर वेज कोड लागू होने से टेक-होम (take-home) सैलरी घटेगी और PF कंट्रीब्यूशन बढ़ेगा। अब बजट 2021 के मुताबिक, 2.5 लाख रुपये से ऊपर PF पर टैक्स लगेगा। ऐसे मे कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और रिटायरमेंट सेविंग दोनों कम हो जाएगी।
बता दें कि वोज कोड पिछले साल अगस्त में संसद में पास हुआ था। और यह 1 अप्रैल 2021 से लागू हो जाएगा।
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