Budget 2025: सीनियर सिटीजन को 10 लाख तक की इनकम पर नहीं देना होगा टैक्स! पेंशन स्कीम पर मिलेगा फायदा

Budget 2025: सीनियर सिटीजन बजट 2025 से कई उम्मीदें हैं। सीनियर सिटीजन पेंशन पर निर्भर करते है। कुछ सीनियर सिटीजन का खर्च सिर्फ इंटरेस्ट की इनकम से चलता है। देश में बढ़ती महंगाई ने ज्यादातर लोगों के घरों को बजट को बिगाड़ दिया है। अस्पताल में इलाज के बढ़ते खर्च ने उन पर और दबाव बढ़ा दिया है

अपडेटेड Feb 01, 2025 पर 10:59 AM
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Budget News: सीनियर सिटीजंस के लिए टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाई जाए।

Budget 2025: सीनियर सिटीजन बजट 2025 से कई उम्मीदें हैं। सीनियर सिटीजन पेंशन पर निर्भर करते है। कुछ सीनियर सिटीजन का खर्च सिर्फ इंटरेस्ट की इनकम से चलता है। देश में बढ़ती महंगाई ने ज्यादातर लोगों के घरों को बजट को बिगाड़ दिया है। अस्पताल में इलाज के बढ़ते खर्च ने उन पर और दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में सरकार को बजट में सीनियर सिटीजन के लेकर घोषणाएं करने की जरूरत है।

10 लाख तक की इनकम पर न लगे टैक्स

सीनियर सिटीजंस को बजट से टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाए जाने उम्मीद है। अभी इनकम टैक्स के लिहाज से सीनियर सिटीजंस की दो कैटेगरी है। पहली कैटेगरी में 60 साल से लेकर 80 साल तक के लोग आते हैं, जिन्हें सीनियर सिटीजन कहा जाता है। दूसरी कैटेगरी में 80 साल और इससे ज्यादा उम्र के लोग आते हैं, सुपर सीनियर सिटीजन कहा जाता है। अगर किसी सीनियर सिटीजन की सालाना इनकम 3 लाख रुपये तक है तो इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में उसे टैक्स देने की जरूरत नहीं है। सुपर सीनियर सिटीजन की सालाना इनकम अगर 5 लाख रुपये है तो उसे ओल्ड रीजीम में टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। सरकार को दोनों तरह के सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 10 लाख रुपये करना चाहिए। ऐसी सीनियर सिटीजन उम्मीद कर रहे हैं।


मेडिकल टेस्ट्स पर मिले छूट

सीनियर सिटीजन को बुढ़ापे में सबसे ज्यादा केयर की जरूरत होती है। बुढ़ापे में सबसे ज्यादा पैसा इलाज, दवाइंयो और टेस्ट में जाता है। सरकार को मेडिकल केयर पर सालाना एक लाख रुपये के खर्च पर डिडक्शन की इजाजत देने की जरूरत है। इसमें ओपीडी, टेस्ट्स सहित इलाज से जुड़े दूसरे खर्च भी शामिल होने चाहिए। इससे करोड़ों सीनियर सिटीजन को फायाद होगा।

 

NPS पेंशन पर मिले टैक्स छूट

अभी NPS में 60 साल की उम्र में एनपीएस में 60 फीसदी पैसा एकसाथ मिलता है। बाकि, 40 फीसदी का इस्तेमाल एन्युटी की तरह पेंशन में मिलता है। ये पेंशन टैक्स के दायरे में आती है। इस टैक्स के दायरे से बाहर रखने की जरूरत है। इससे बुजुर्गों को काफी राहत मिलेगी। टैक्स नहीं चुकाने से उनके हाथ में ज्यादा पेंशन आएगी।

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की मिले छूट

अभी 75 साल और इससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं होती है। जिनकी इनकम का सोर्स सिर्फ पेंशन और इंटरेस्ट इनकम होती है। टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार को 75 साल उम्र की शर्त खत्म कर देनी चाहिए।

 

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