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Budget 2026: नई रीजीम को और अट्रैक्टिव बनाने के लिए बजट में होंगे बड़े ऐलान

कौन सी रीजीम ज्यादा फायदेमंद है, पूरी तरह से करदाता की व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करता है। यदि करदाता के पास बहुत कम कटौतियां हैं या वह सरल और बिना दस्तावेजों वाली टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया पसंद करते हैं, तो नई रीजीम अधिक फायदेमंद हो सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 7:58 PM
Budget 2026: नई रीजीम को और अट्रैक्टिव बनाने के लिए बजट में होंगे बड़े ऐलान
नई टैक्स रीजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की कर योग्य आय पर टैक्स शून्य है।

सरकार लगातार नई टैक्स रीजीम को पुरानी रीजीम के मुकाबले आकर्षक बनाने की कोशिश कर रही है। इसे सरल, कंप्लायंस में आसान और टैक्सपेयर्स के लिए डिफॉल्ट विकल्प के रूप में पेश किया गया है। केंद्रीय बजट 2025 में किए गए बदलावों से यह व्यवस्था खास तौर पर मध्यम वर्ग के लिए अधिक लाभकारी हो गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग को देश निर्माण में उनके योगदान, ऊर्जा और भूमिका के लिए सराहा है। सीबीडीटी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी जानकारी के अनुसार, अब तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह व्यक्तिगत करदाताओं के बढ़ते योगदान को दर्शाता है।

बजट के दौरान जिन प्रमुख उद्देश्यों पर जोर दिया गया, उनमें ‘व्यक्तिगत आयकर सुधार, विशेष रूप से मध्यम वर्ग पर फोकस’ शामिल था। इसी दिशा में सरकार समय-समय पर नई टैक्स रीजीम के तहत टैक्स स्लैब में प्रगतिशील बदलाव कर मध्यम वर्ग पर टैक्स बोझ कम करती रही है।

नई टैक्स रीजीम और पुरानी रीजीम की तुलना

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