सरकार लगातार नई टैक्स रीजीम को पुरानी रीजीम के मुकाबले आकर्षक बनाने की कोशिश कर रही है। इसे सरल, कंप्लायंस में आसान और टैक्सपेयर्स के लिए डिफॉल्ट विकल्प के रूप में पेश किया गया है। केंद्रीय बजट 2025 में किए गए बदलावों से यह व्यवस्था खास तौर पर मध्यम वर्ग के लिए अधिक लाभकारी हो गई है।
