केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया की सरकार आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री ने ये साफ किया कि सरकार अब घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आम उपभोक्ताओं को जरूरी सामान उचित कीमत पर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। इन बदलावों का सीधा असर बाजार में उपभोक्ता कीमतों पर पड़ेगा। इस बार के बजट में हेल्थकेयर और क्लीन एनर्जी जैसे अहम क्षेत्रों को राहत देने के कदम भी शामिल हैं।
सरकार का मकसद देश में तैयार किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की लागत कम करना है, ताकि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सके। कस्टम ड्यूटी में बदलाव से कुछ उत्पाद सस्ते होंगे, जबकि कुछ के दाम बढ़ सकते हैं।
बजट 2026 में कुछ चीजें मंहगी भी हुई है। बजट में सरकार ने कुछ ऐसे उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी दोबारा लगाने या बढ़ाने का फैसला किया है, जिनका आयात कम होता है या जिनका उत्पादन देश में पहले से ही पर्याप्त है। इसका उद्देश्य कंपनियों को बाहर से सामान मंगाने के बजाय घरेलू उत्पादों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे स्थानीय उद्योग को मजबूती मिलेगी।
लिथियम-आयन बैटरी निर्माण होगा सस्ता
बजट में लिथियम-आयन बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई मशीनों और उपकरणों पर अब बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है, जिसमें बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों की लागत कम होने की उम्मीद है, जिसका असर सीधे EV की कीमतों पर पड़ सकता है। यह फैसला हरित ऊर्जा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने और घरेलू बैटरी निर्माण को मजबूत करेगा।
स्मार्टफोन हो सकते हैं सस्ते
मोबाइल यूजर्स के लिए बजट से राहत की खबर आई है। सरकार ने स्मार्टफोन निर्माण में लगने वाले पुर्जों और मशीनरी पर टैक्स घटाने का फैसला किया है। इससे देश में मोबाइल बनाने वाली कंपनियों की लागत कम होगी और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिलेगा। लागत घटने का फायदा आगे चलकर मोबाइल फोन की कीमतों पर भी दिख सकता है।