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Budget 2026: इस बार मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स पर हो सकता है निर्मला सीतारमण का फोकस, इन राहत का हो सकता है ऐलान

पिछले कुछ सालों से मिडिल क्लास पर खर्च का बोझ बढ़ा है। इसका असर सेविंग्स पर पड़ा है। हाउसहोल्ड सेविंग्स में कमी के संकेत हैं। ऐसे में अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मिडिल क्लास के लिए राहत का ऐलान करती हैं तो इससे बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स को फायदा होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 12, 2026 पर 4:10 PM
Budget 2026: इस बार मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स पर हो सकता है निर्मला सीतारमण का फोकस, इन राहत का हो सकता है ऐलान
एसेसमेंट ईयर 2023-24 में करीब 7.5 करोड़ इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स ने रिटर्न फाइल किए थे। इनमें से करीब 2.04 करोड़ की इनकम 5.5 लाख से 9.5 लाख रुपये के बीच थी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2020 में इनकम टैक्स की नई रीजीम पेश की थी। उन्होंने पुरानी टैक्स रीजीम को भी बनाए रखी। इंडिविजुअल टैक्सपेयर के पास पुरानी रीजीम और नई रीजीम में किसी एक का चुनाव करने का विकल्प है। शुरुआत में नई रीजीम में टैक्सेपयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई। लेकिन, अब बड़ी संख्या में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी बड़ी वजह नई रीजीम का अट्रैक्शन बढ़ाने की सरकार की लगातार कोशिश है।

नई रीजीम में बढ़ रही टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनकम टैक्स की नई रीजीम की शुरुआत से कंप्लायंस बढ़ा है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स की संख्या बढ़कर 9 करोड़ से ज्यादा हो गई है। एसेसेमेंट ईयर 2024-25 में 5.2 करोड़ से ज्यादा रिटर्न इनकम टैक्स की नई रीजीम में फाइल किए गए। नई रीजीम में टैक्सपेयर्स को ज्यादातर एग्जेम्प्शंस और डिडक्शंस नहीं मिलते हैं। लेकिन, इसमें टैक्स के रेट्स कम हैं। यह उन इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए अच्छा है, जो डिडक्शंस और एग्जेम्प्शन का फायदा नहीं उठाते हैं।

नई रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए कई बड़े ऐलान

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