Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार 9वां आम बजट पेश करने जा रही हैं। बजट 2026-27 से पहले टैक्सपेयर्स की निगाहें इनकम टैक्स से जुड़े ऐलानों पर टिकी हैं। पिछले साल सरकार ने नए टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री किया था। अब उम्मीद है कि इस बार सरकार नए टैक्स रिजीम में यही टैक्स फ्री इनकम की लिमिट को बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक बजट 2026 में नए टैक्स रिजीम के तहत कुछ अहम बदलावों पर चर्चा हुई है। इनमें मिडिल क्लास और सैलरीड लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है।
नए टैक्स रिजीम में बदलाव की उम्मीद
सरकार नए टैक्स रिजीम में होम लोन लेने वालों को बड़ी राहत दे सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार होम लोन के ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की छूट दे सकती है। अभी यह सुविधा सिर्फ पुराने टैक्स रिजीम में ही मिलती है। अगर यह बदलाव होता है, तो नए टैक्स सिस्टम को चुनने वाले होम बायर्स को बड़ा फायदा होगा।
इसके अलावा मेडिकल खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी छूट देने पर विचार किया जा रहा है। नए टैक्स रिजीम में 50 हजार रुपये तक की कटौती की अनुमति दी जा सकती है। इससे बढ़ते इलाज और इंश्योरेंस खर्च में राहत मिल सकती है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ने की उम्मीद
टैक्सपेयर्स को स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। फिलहाल नए टैक्स रिजीम में 75 हजार रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलती है। माना जा रहा है कि इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है। इससे सैलरीड क्लास का टैक्स बोझ और कम हो सकता है।
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए नए टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब
4 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं।
4 से 8 लाख रुपये पर 5 फीसदी टैक्स।
8 से 12 लाख रुपये पर 10 फीसदी टैक्स।
12 से 16 लाख रुपये पर 15 फीसदी टैक्स।
16 से 20 लाख रुपये पर 20 फीसदी टैक्स।
20 से 24 लाख रुपये पर 25 फीसदी टैक्स।
24 लाख रुपये से ज्यादा पर 30 फीसदी टैक्स।
इसके साथ ही 12 लाख रुपये तक कमाने वालों को सेक्शन 87A के तहत पूरा टैक्स रिबेट मिलता है।
पुराने टैक्स रिजीम में अभी भी 80C, 80D और होम लोन ब्याज पर छूट आदि मिलता है। सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स छूट की लिमिट भी ज्यादा है। इसी वजह से बहुत से लोग अब भी पुराने सिस्टम को पसंद करते हैं। हालांकि, बजट 2026 से पहले यह चर्चा तेज है कि सरकार पुराने टैक्स रिजीम को धीरे-धीरे खत्म कर सकती है। फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है। माना जा रहा है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से बदलाव कर सकती है। अब सभी की नजरें बजट भाषण पर हैं। तभी साफ होगा कि टैक्सपेयर्स को कितनी राहत मिलती है।
पुराने टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब