Budget 2026-27: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बजट हर साल 1 फरवरी को पेश होता है। इस बार 1 फरवरी 2026 को रविवार को पड़ रह है। तो क्या बजट रविवार 1 फरवरी को पेश होगा या सोमवार 2 फरवरी को? साल 2017 से नरेंद्र मोदी सरकार ने बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी तय कर रखी है, लेकिन अब तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि यह तारीख रविवार को आए। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा या तारीख बदली जा सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार अपना लगातार आठवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। यह आजादी के बाद का 80वां केंद्रीय बजट भी होगा। ऐसे में अगर बजट रविवार को पेश होता है, तो यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड बन सकता है।
क्या 1 फरवरी को ही पेश होगा बजट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार 1 फरवरी की परंपरा बनाए रखने के पक्ष में है, भले ही वह दिन रविवार हो। यानी, रविवार को बजट पेश होने की पूरी संभावना है। हालांकि, अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा है कि इस पर निर्णय कैबिनेट कमेटी ऑन पार्लियामेंट्री अफेयर्स सही समय पर लेगी।
इस बार एक और पेच भी है। 1 फरवरी 2026 को गुरु रविदास जयंती भी है। हालांकि, यह केंद्र सरकार का पब्लिक हॉलिडे नहीं है। यह दिल्ली और हरियाणा जैसे कुछ उत्तर भारतीय राज्यों में ही पब्लिक हॉलिडे होती है। केंद्र सरकार के लिए इसे रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे माना जाता है।
राज्यसभा की वेबसाइट के अनुसार, रिस्ट्रिक्टेड हॉलिडे के दिन संसद की कार्यवाही रोकना जरूरी नहीं होता। ऐसे दिनों में भी संसद की बैठक हो सकती है। इससे पहले 2025 में भी गुरु रविदास जयंती बजट सत्र के दौरान पड़ी थी, तब उस दिन दोनों सदनों की बैठक नहीं हुई थी।
इतिहास पर नजर डालें तो संसद रविवार और पब्लिक छुट्टियों के दिन भी बैठ चुकी है। कोविड-19 महामारी के दौरान साल 2020 में संसद की बैठक हुई थी। इसके अलावा 13 मई 2012 जो रविवार था। संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर विशेष बैठक हुई थी। बुद्ध पूर्णिमा जैसे हॉलिडे के दिन भी संसद की कार्यवाही हो चुकी है। हालांकि, अपवाद भी रहे हैं। राज्यसभा की वेबसाइट के मुताबिक, 1981 और 1986 में गुरु रविदास जयंती के कारण संसद की बैठक रद्द की गई थी। यही वजह है कि इस बार भी अंतिम फैसला अभी खुला हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार सरकार 31 जनवरी शनिवार को बजट पेश करे इसकी संभावना कम है। अगर रविवार को बजट पेश नहीं किया गया, तो 2 फरवरी (सोमवार) को इसे पेश किया जा सकता है। गौरतलब है कि 2017 से बजट 1 फरवरी को इसलिए पेश किया जा रहा है ताकि वित्त विधेयक समय पर पास हो सके और 1 अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत सुचारू रूप से हो सके। 2020 और 2025 में भी 1 फरवरी शनिवार को पड़ी थी और बजट उसी दिन पेश किया गया था।
अगर बजट 1 फरवरी 2026 रविवार को पेश होता है, तो यह 2017 के बाद पहली बार होगा। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार आठ बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बनेंगी, जो एक प्रधानमंत्री के कार्यकाल में दो सरकारों के दौरान ऐसा करेंगी।