CEA V Anantha Nageswaran: देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने पेंशन फंड्स की भूमिका और देश के आर्थिक विकास पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए पेंशन फंड का पैसा 'सबसे ज्यादा धैर्यवान पूंजी' होता है। इसलिए पेंशन फंडों को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में अपने निवेश को और बढ़ाना चाहिए।
NPS का कॉर्प्स ₹18 लाख करोड़ के पार: कहां कितना निवेश?
मुख्य आर्थिक सलाहकार के मुताबिक, वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का कुल कॉर्प्स लगभग ₹18 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इस विशाल फंड का निवेश अलग-अलग एसेट क्लासेज में इस प्रकार है:
नागेश्वरन ने कहा कि भारतीय परिवारों की बचत का झुकाव अब धीरे-धीरे मार्केट-लिंक्ड इनवेस्टमेंट की तरफ बढ़ा है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय 'लॉन्ग-टर्म एसेट्स' में निवेश करना अधिक महत्वपूर्ण है। यह न केवल पुरानी उम्र (रिटायरमेंट) की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि 'विकसित भारत' के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
DFS सचिव ने डिफ़ॉल्ट मोड पर जताई चिंता
वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव संजय लोहिया ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई एनपीएस सब्सक्राइबर सालों बाद भी अपने पेंशन निवेश में 'डिफ़ॉल्ट मोड' में ही बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बात का विश्लेषण करने की जरूरत है कि ग्राहकों को निवेश चुनने में कितनी ढील या लचीलापन दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने पेंशन फंड प्रबंधकों को नसीहत दी कि वे एनपीएस को महज 'एक और स्कीम' की तरह न देखें, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
NPS में 27% की जोरदार बढ़ोतरी: PFRDA चेयरमैन
पेंशन फंड नियामक PFRDA के चेयरमैन शिवसुब्रमण्यम रमण ने बताया कि बीते एक साल में NPS के ग्राहकों की संख्या में 27% का इजाफा हुआ है। गैर-सरकारी क्षेत्र पर नियामक का मुख्य फोकस बना हुआ है। NPS वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 5% के बराबर फंड को मैनेज कर रहा है। अटल पेंशन योजना (APY) योजना के तहत नामांकनों का आंकड़ा 1.35 करोड़ तक पहुंच चुका है।
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