CEA Nageswaran: 'शॉर्ट-टर्म छोड़ें, लॉन्ग-टर्म में बनेगा तगड़ा पैसा...', CEA नागेश्वरन ने बताया वेल्थ क्रिएशन का ये फॉर्मूला

CEA Nageswaran: शेयर बाजार में रोजाना की खरीद-बिक्री और शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के चक्कर में बड़ा मुनाफा गंवा रहे निवेशकों को मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) अनंथा नागेश्वरन ने खास सलाह दी है। उन्होंने बताया कि कैसे लॉन्ग-टर्म एसेट्स में समझदारी से किया गया निवेश न सिर्फ आपके रिटायरमेंट को सुरक्षित बनाएगा, बल्कि लंबी अवधि में तगड़ा वेल्थ क्रिएशन भी करेगा। जानिए ₹18 लाख करोड़ के पेंशन फंड का पूरा गणित और CEA का वेल्थ क्रिएशन फॉर्मूला

अपडेटेड Oct 02, 2026 पर 8:00 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
नागेश्वरन ने कहा कि भारतीय परिवारों की बचत का झुकाव अब धीरे-धीरे मार्केट-लिंक्ड इनवेस्टमेंट की तरफ बढ़ा है

CEA V Anantha Nageswaran: देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने पेंशन फंड्स की भूमिका और देश के आर्थिक विकास पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए पेंशन फंड का पैसा 'सबसे ज्यादा धैर्यवान पूंजी' होता है। इसलिए पेंशन फंडों को भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में अपने निवेश को और बढ़ाना चाहिए।

NPS का कॉर्प्स ₹18 लाख करोड़ के पार: कहां कितना निवेश?

मुख्य आर्थिक सलाहकार के मुताबिक, वर्तमान में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का कुल कॉर्प्स लगभग ₹18 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। इस विशाल फंड का निवेश अलग-अलग एसेट क्लासेज में इस प्रकार है:

  • सरकारी सिक्योरिटीज (G-Secs): 40% से अधिक
  • इक्विटी (शेयर बाजार): 28%
  • कॉर्पोरेट बॉन्ड्स: 21%


नागेश्वरन ने कहा कि भारतीय परिवारों की बचत का झुकाव अब धीरे-धीरे मार्केट-लिंक्ड इनवेस्टमेंट की तरफ बढ़ा है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय 'लॉन्ग-टर्म एसेट्स' में निवेश करना अधिक महत्वपूर्ण है। यह न केवल पुरानी उम्र (रिटायरमेंट) की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि 'विकसित भारत' के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

DFS सचिव ने डिफ़ॉल्ट मोड पर जताई चिंता

वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव संजय लोहिया ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि कई एनपीएस सब्सक्राइबर सालों बाद भी अपने पेंशन निवेश में 'डिफ़ॉल्ट मोड' में ही बने रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस बात का विश्लेषण करने की जरूरत है कि ग्राहकों को निवेश चुनने में कितनी ढील या लचीलापन दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने पेंशन फंड प्रबंधकों को नसीहत दी कि वे एनपीएस को महज 'एक और स्कीम' की तरह न देखें, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को समझें।

NPS में 27% की जोरदार बढ़ोतरी: PFRDA चेयरमैन

पेंशन फंड नियामक PFRDA के चेयरमैन शिवसुब्रमण्यम रमण ने बताया कि बीते एक साल में NPS के ग्राहकों की संख्या में 27% का इजाफा हुआ है। गैर-सरकारी क्षेत्र पर नियामक का मुख्य फोकस बना हुआ है। NPS वर्तमान में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 5% के बराबर फंड को मैनेज कर रहा है। अटल पेंशन योजना (APY) योजना के तहत नामांकनों का आंकड़ा 1.35 करोड़ तक पहुंच चुका है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।