प्लास्टिक की चूड़ी बनाने से लेकर 16,000 करोड़ रुपये की कंपनी तक, कुछ ऐसा रहा Cello का सफर

सेलो (Cello) कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हो चुकी है। क्या आपको सेलो की सफलता की कहानी पता है। सेलो प्लास्टिक का सामान बनाने के लिए जानी जाती है। नवंबर 2023 में मुंबई की कंपनी सेलो वर्ल्ड शेयर बाजार में लिस्ट हुई। सेलो स्नैक बॉक्स, पानी की बोतलें, स्टोरेज कंटेनर और प्लास्टिक फर्नीचर जैसे बरतन प्रोडक्ट की बड़ी रेन्ज के लिए जानी जाती है

अपडेटेड Mar 20, 2024 पर 11:48 AM
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सेलो प्लास्टिक का सामान बनाने के लिए जानी जाती है। नवंबर 2023 में मुंबई की कंपनी कंपनी सेलो वर्ल्ड शेयर बाजार में लिस्ट हुई।

सेलो (Cello) कंपनी शेयर मार्केट में लिस्ट हो चुकी है। क्या आपको सेलो की सफलता की कहानी पता है। सेलो प्लास्टिक का सामान बनाने के लिए जानी जाती है। नवंबर 2023 में मुंबई की कंपनी सेलो वर्ल्ड शेयर बाजार में लिस्ट हुई। सेलो स्नैक बॉक्स, पानी की बोतलें, स्टोरेज कंटेनर और प्लास्टिक फर्नीचर जैसे बरतन प्रोडक्ट की बड़ी रेन्ज के लिए जानी जाती है। सेलो ने शेयर बाजार में एंटर करके बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस कदम ने कंपनी को बड़े अरबपतियों के क्लब में पहुंचा दिया। कंपनी के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में 59 साल के प्रदीप राठौड़ अरबपति बन गए क्योंकि उनके पास सेलो वर्ल्ड की 44% की बड़ी हिस्सेदारी थी, जिसकी कीमत फोर्ब्स ने 1 बिलियन डॉलर (8,317 करोड़ रुपये) बताई है।

कंपनी के प्राइमरी कुकवेयर के जरिये दो-तिहाई इनकम होती है। यानी, कंपनी के कुल रेवेन्यू में दो-तिहाई हिस्सेदारी कुकवेयर की है। सेलो वर्ल्ड के पास ऐसे प्रोडक्ट हैं जिनमें प्लास्टिक की चूड़ियां, पेंसिल, स्टेशनरी और मोल्डेड फर्नीचर जैसे आइटम शामिल हैं। कंपनी आज नई ऊंचाइयों को छू रही है उसकी शुरुआत बहुत ही साधारण तरीके से हुई थी।

1967 में घीसुलाल राठौड़ की बनाई कंपनी शुरुआत में पीवीसी जूते और चूड़ियों बनाने में एक्सपर्ट थे, सेलो वर्ल्ड में 80 के दशक के अंत में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया। घीसुलाल राठौड़ ने अपनी अमेरिका यात्रा से प्रेरित होकर, कंपनी ने अपना ध्यान सेलो कैसरोल को बनाने पर फोकस किया। प्रदीप राठौड़ के नेतृत्व में कंपनी ने अलग तरह के बरतनों के प्रोडक्ट को शामिल किया। 2017 में इसने ग्लासवेयर और ओपलवेयर मार्केट में भी कदम रखा।


सेलो वर्ल्ड को बुलंदियों तक पहुंचाने में प्रदीप राठौड़, पंकज राठौड़ और उनके बेटे गौरव प्रदीप राठौड़ का अहम योगदान है। पिछले दो साल में ही सेलो वर्ल्ड की सेल में 70 फीसदी का उछाल आया है। मार्च 2023 के खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने 17.97 अरब रुपये का रेवेन्यू हासिल किया। इसके साथ ही कंपनी का मुनाफा भी 58 फीसदी बढ़कर 230 करोड़ रुपये हो गया। 19 मार्च 2024 तक इसका मार्केट कैप 16,746 करोड़ रुपये है।

आईपीओ की कीमत कम नहीं होने के बावजूद निवेशक सेलो वर्ल्ड की प्लास्टिक, कांच और चीनी मिट्टी की वस्तुओं के साथ कई प्रोडक्ट ऑफर कर रहे हैं। कंपनी को मार्केट में कई नामी कंपनियों से मुकाबला करना पड़ रहा है। बोरोसिल, टीटीके, मिल्टन और ला ओपाला जैसी बड़ी कंपनियों के बीच सेलो के प्रोड़क्ट बाजार पर अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।

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