Central Government Employees DA: आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में अभी वक्त लगेगा। इस बीच केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज की नजरें डीए में अगले संशोधन पर लगी हैं, जिसका समय आ चुका है। लेबर ब्यूरो की तरफ से रिलीज नए इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के डेटा से पता चलता है कि इस साल मई में इंडेक्स 150.8 पर चला गया। यह अप्रैल में 149.9 था। मई तक के इनफ्लेशन के डेटा के आधार पर जुलाई से डीए में करीब 3 फीसदी वृद्धि हो सकती है।
नया पे स्केल अगले साल के अंत तक होगा लागू
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें अगले साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, वेतन में वृद्धि जनवरी 2026 से लागू की जा सकती है। इसका मतलब है कि एंप्लॉयीज को 18-24 महीने का एरियर मिलेगा। जुलाई 2026 के डीए का कैलकुलेशन सातवें वेतन आयोग के तहत होने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि इस साल जनवरी से जून पीरियड का डीए का कोई एरियर बकाया नहीं रहेगा।
नए पे स्केल लागू होने के बाद डीए का एरियर मिलेगा
एंप्लॉयी यूनियन के एक सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि जुलाई 2026 के बाद 7वें वेतन आयोग के तहत डीए में होने वाली वृद्धि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद एरियर्स हो जाएंगी। इसका मतलब है कि अगर एंप्लॉयीज का सातवें वेतन आयोग के तहत जुलाई 2026 में डीए बढ़ता है और बाद में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकार को पहले से हो चुके डीए के पेमेंट और रिवाइज्ड पे स्केल पर आधारित डीए के बीच के फर्क का पेमेंट बतौर एरियर करना होगा।
साल में दो बार होता है डीए में संशोधन
एक साल में दो बार केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के डीए में संशोधन होता है। यह 1 जनवरी और 1 जुलाई से लागू होता है। हालांकि, इसका ऐलान कुछ महीने की देर से होता है, लेकिन एंप्लॉयी को पहले की तारीख से रिवाइज्ड डीए का पेमेंट होता है। जुलाई 2026 के डीए का ऐलान इस साल अक्तूबर में दीवाली के करीब होने की उम्मीद है। अगर डीए 3 फीसदी बढ़ता है तो एंप्लॉयीज को मिल चुके डीए और 8वें वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर संसोधित डीए के बीच का फर्क बतौर एरियर मिलेगा।
डीए 58 से बढ़कर 60 फीसदी हो चुका है
हालांकि, जब तक सरकार लागू होने की तारीख, फिटमेंट फैक्टर, पे मैट्रिक्स और डीए ट्रांजिशन फॉर्मूला का ऐलान नहीं कर देती है, एंप्लॉयीज को इस बारे में तस्वीर साफ होने का इंतजार करना होगा। बीते 12 महीनों के एवरेज सीपीआई-आईडब्ल्यू डेटा पर डीए का कैलकुलेशन होता है। इससे पहले केंद्र सरकार ने डीए 2 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया।