पुरानी पेंशन को लेकर केंद्र का राज्यों को बड़ा निर्देश, सभी AIS कर्मचारियों को एक NPS छोड़ कर OPS अपनाने का दिया जाए मौका
पात्र कर्मचारियों को 31 जनवरी 2024 तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ उठाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और उसके बाद उनके एनपीएस खाते 31 मार्च 2024 तक बंद कर दिए जाएंगे। योग्य कर्मचारियों को 31 जनवरी 2024 तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ उठाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और उसके बाद उनके NPS अकाउंट 31 मार्च 2024 तक बंद कर दिए जाएंगे। ये मौका सिर्फ एक बार मिलेगा
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 14, 2023 पर 5:04 PM
सभी AIS कर्मचारियों को एक NPS छोड़ कर OPS अपनाने का दिया जाए मौका
केंद्र ने एक बहुत ही अहम कदम उठाते हुए, सभी राज्य सरकारों (State Governments) को निर्देश दिया है कि वे उन सभी ऑल इंडिया सर्विस (AIS) कर्मचारियों को एक बार नेशलन पेंशन स्कीम (NPS) छोड़ कर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) अपनाने का मौका जरूर दें, जिनकी भर्ती 22 दिसंबर 2003 के बाद जारी नोटिफिकेशन वैकेंसी से हुई है और जो लोग 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद सरकारी सेवा में शामिल होने पर NPS के अंतर्गत आते हैं, उन्हें पुरानी पेंशन योजना के प्रावधानों के तहत कवर किया जाएगा। इसमें कहा गया है कि इच्छुक कर्मचारी 30 नवंबर तक इस एकमुश्त ऑप्शन का लाभ उठा सकते हैं।
पात्र कर्मचारियों को 31 जनवरी 2024 तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ उठाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और उसके बाद उनके एनपीएस खाते 31 मार्च 2024 तक बंद कर दिए जाएंगे। योग्य कर्मचारियों को 31 जनवरी 2024 तक पुरानी पेंशन योजना का लाभ उठाने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे और उसके बाद उनके NPS अकाउंट 31 मार्च 2024 तक बंद कर दिए जाएंगे। ये मौका सिर्फ एक बार मिलेगा।
कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 13 जुलाई को लिखे एक पत्र में कहा, "ऑल इंडिया के ऐसे अधिकारी, जो 1 जनवरी 2004 या उसके बाद सर्विस में शामिल होने पर NPS के तहत आते हैं, उन्हें 1958 के तहत पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत आने का एक ऑप्शन दिया जा सकता है।"
इस पत्र में ये भी कहा गया है कि इस प्रावधान के तहत सिविल सेवा परीक्षा 2003, सिविल सेवा परीक्षा 2004 और भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा 2003 के जरिए चुने गए IAS के अधिकारी आएंगे।
एक पत्र के अनुसार, यह कदम अलग-अलग अदालतों और CAT बेंच के फैसलों के जवाब में उठाया गया है। इसमें कहा गया है कि इसमें 1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की अनुमति दी गई थी। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से जुड़ने का मौका एक बार ही मिलेगा। 30 नवंबर, 2023 तक जो भी अधिकारी पुरानी पेशन का लाभ लेने के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे, उन्हें पहले की तरह NPS का लाभ मिलता रहेगा।
पत्र में कहा गया है कि ये साफ किया गया है कि एक सेवा से दूसरी सेवा में ट्रांसफर निरंतर सेवा और तकनीकी इस्तीफे के अधीन है।
इसमें यह भी कहा गया है कि इन निर्देशों के अनुसार, सेवा के सदस्यों की तरफ से इस्तेमाल किया गया विकल्प उस राज्य की सरकार के सामने रखा जाएगा, जिसके कैडर में सेवा का सदस्य आता है।
इसमें कहा गया, "यदि किसी स्पष्टीकरण की जरूरत है, तो भारतीय प्रशासनिक सेवा के सदस्यों के मामले में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग को एक रेफ्रेंस भेजा जा सकता है। भारतीय पुलिस सेवा के सदस्यों के मामले में गृह मंत्रालय को और भारतीय वन सेवा के सदस्यों के मामले में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा जा सकता है।"
इसमें यह भी कहा गया है कि अगर सेवा का सदस्य इन निर्देशों के अनुसार AIS (DCRB) नियम, 1958 के तहत कवरेज की शर्तों को पूरा करता है, तो इस संबंध में जरूरी आदेश 31 जनवरी, 2024 तक जारी किया जाएगा।
इसके कारण, सर्विस के ऐसे मेंबर का NPS अकाउंट 31 मार्च, 2024 से बंद कर दिया जाएगा। सेवा के सदस्य जो AIS (DCRB) नियम, 1958 के तहत पुरानी पेंशन योजना का ऑप्शन चुनते हैं, उन्हें जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की मेंबरशिप लेनी होगी।
राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकारें पहले ही राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने की घोषणा कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए भी OPS को एक अहम मुद्दा बनाया है और सत्ता में आने पर मध्य प्रदेश में भी इसे लागू करने की घोषणा की है।