चेक बाउंस और मिस्ड EMI का CIBIL स्कोर पर पड़ता है प्रभाव, जानिए कैसे बचाएं अपनी क्रेडिट हेल्थ

चेक बाउंस का सीधे CIBIL स्कोर पर असर नहीं पड़ता, लेकिन अगर इसकी वजह से आपके EMI या क्रेडिट कार्ड का भुगतान मिस्ड होता है, तो आपका स्कोर 20 से 50 अंक तक गिर सकता है। बेहतर क्रेडिट स्कोर के लिए बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस रखकर, समय पर भुगतान करके और गारंटर के नाम हटवाकर सावधानी अपनाएं।

अपडेटेड Nov 01, 2025 पर 10:47 PM
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चेक बाउंस की खबर आमतौर पर बैंक सीधे क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों को नहीं देते, इसलिए इसका सीधा असर आपके CIBIL स्कोर पर नहीं पड़ता। लेकिन अगर चेक बाउंस होने की वजह से EMI या क्रेडिट कार्ड की किस्त समय पर न चुकाई जाए, तो आपका CIBIL स्कोर गिर सकता है, जिससे भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।

चेक बाउंस के कारण

चेक बाउंस होने के कई कारण होते हैं, जिनमें खाते में पर्याप्त राशि न होना, गलत तारीख या पोस्ट-डेटेड चेक को जल्द जमा करना, गलत सिग्नेचर, चेक पर ओवरराइटिंग, और बंद खाते से चेक जारी करना प्रमुख हैं। इन गलतियों की वजह से बैंक चेक को अस्वीकार कर सकता है।

कब पड़ता है CIBIL स्कोर पर असर


अगर चेक बाउंस के कारण आपकी EMI या क्रेडिट कार्ड भुगतान मिस्ड होता है, तो बैंक इसे डिफॉल्ट रिपोर्ट करता है। इससे आपका CIBIL स्कोर 20 से 50 अंक तक नीचे जा सकता है। लगातार मिस्ड पेमेंट होने पर स्कोर तेजी से गिरता है और नई ऋण सुविधा पाना कठिन हो जाता है।

कैसे बचाएं CIBIL स्कोर

चेक बाउंस से बचने के लिए बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस रखें, चेक पर तारीख, राशि और सिग्नेचर की जांच करें और एक्सपायर्ड चेक का उपयोग न करें। अगर चेक बाउंस हो भी जाए तो तुरंत बैंक या लाभार्थी से बात कर भुगतान करें। इसके अलावा, EMI और क्रेडिट कार्ड का भुगतान हमेशा समय पर करें।

CIBIL स्कोर सुधारने के उपाय

अगर आपका स्कोर गिर गया है, तो बकाया जल्दी चुकाएं। यदि आपने किसी के गारंटर के रूप में दस्तखत किए हैं, और वे नियमित भुगतान नहीं कर पा रहे, तो उनसे समय पर भुगतान करने को कहें या बैंक से संपर्क करके गारंटी से नाम हटवाएं।

पोस्ट-डेटेड चेक क्या है?

पोस्ट-डेटेड चेक वह चेक होता है, जिसपर भविष्य की तारीख लिखी होती है। इसे बैंक में उसी तारीख या उस दिन के बाद जमा किया जा सकता है। पहले जमा करने पर चेक बाउंस हो सकता है, क्योंकि बैंक भविष्य की तारीख वाले चेक को स्वीकार नहीं करता।

न्यायालय के फैसले और कानूनी पहलू

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर चेक भुगतान के लिए दिया गया हो और बाउंस हो जाए, तो कानूनी कार्रवाई संभव है, भले ही वह चेक सुरक्षा के लिए दिया गया हो या भुगतान के लिए।

चेक बाउंस की स्थिति में समय पर समाधान निकालना आवश्यक है क्योंकि इसका अप्रत्यक्ष असर आपके क्रेडिट स्कोर और भविष्य की आर्थिक संभावनाओं पर पड़ सकता है। सावधानी और नियमित भुगतान से आप अपनी क्रेडिट हेल्थ को सुरक्षित रख सकते हैं।

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