800 से ज्यादा सिबिल स्कोर आज के समय में आपकी फाइनेंशियल ताकत का बड़ा संकेत माना जाता है। यह सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि यह बताता है कि आपने अपने लोन और क्रेडिट कार्ड को कितनी जिम्मेदारी से संभाला है।

800 से ज्यादा सिबिल स्कोर आज के समय में आपकी फाइनेंशियल ताकत का बड़ा संकेत माना जाता है। यह सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि यह बताता है कि आपने अपने लोन और क्रेडिट कार्ड को कितनी जिम्मेदारी से संभाला है।
जिन लोगों का सिबिल स्कोर 800 या उससे ऊपर होता है, उन्हें बैंक कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं। इसी वजह से उन्हें लोन लेने में कई तरह के फायदे मिलते हैं।
800+ सिबिल स्कोर क्यों खास होता है
सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच होता है। आम तौर पर 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, लेकिन 800+ स्कोर को एक तरह से प्रीमियम माना जाता है।
इसका मतलब साफ है कि आपने समय पर EMI भरी है, क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल किया है और आपकी क्रेडिट हिस्ट्री साफ-सुथरी है। ऐसे ग्राहकों पर बैंक को डिफॉल्ट का खतरा बहुत कम लगता है।
लोन लेने में क्या फायदे मिलते हैं
800+ सिबिल स्कोर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोन जल्दी अप्रूव हो जाता है। कई बार बैंक खुद ही प्री-अप्रूव्ड ऑफर दे देते हैं।
ऐसे ग्राहकों को ज्यादा लोन अमाउंट मिलने की संभावना रहती है और प्रोसेस भी आसान होता है। डॉक्यूमेंटेशन कम होता है और बातचीत में ग्राहक की पकड़ मजबूत रहती है। सबसे अहम बात, बैंक ऐसे ग्राहकों को रियायती ब्याज दर पर लोन देने को तैयार रहते हैं। क्योंकि उनके लिए जोखिम कम होता है।
होम लोन पर कितना फायदा
800+ सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों को आम तौर पर होम लोन बाजार की सबसे कम दरों के आसपास मिलता है। मौजूदा ट्रेंड के हिसाब से ऐसे ग्राहकों को करीब 7.1 प्रतिशत से 8 प्रतिशत के बीच ब्याज दर मिल सकती है। यह दर बैंक, लोन अमाउंट और आपकी प्रोफाइल पर निर्भर करती है।
अगर आपकी इनकम स्थिर है और नौकरी मजबूत है, तो कुछ मामलों में बैंक और भी कम रेट ऑफर कर सकते हैं या स्पेशल स्कीम के तहत छूट दे सकते हैं। वहीं, कमजोर सिबिल स्कोर वाले ग्राहकों के लिए ब्याज दर 8 से 10 पर्सेंट तक भी जा सकती है।
पर्सनल लोन पर क्या फायदा मिलता है
पर्सनल लोन में कोई गारंटी नहीं होती, इसलिए इसमें ब्याज दर आमतौर पर ज्यादा होती है। फिर भी 800+ स्कोर वालों को यहां भी फायदा मिलता है। ऐसे ग्राहकों को करीब 9.99 प्रतिशत से 12 प्रतिशत के बीच ब्याज दर मिल सकती है। इसके अलावा, प्री-अप्रूव्ड ऑफर, जल्दी लोन मिलना और आसान शर्तें भी मिल सकती हैं।
वहीं, कम स्कोर वालों को 15 से 20 प्रतिशत या उससे ज्यादा भी देना पड़ सकता है। कई बार शर्तें भी काफी कड़ी होती हैं।
बैंक किन शर्तों पर लोन देते हैं
ऐसा नहीं है कि सिर्फ सिबिल स्कोर ही सब कुछ तय कर देता है। बैंक कुछ और चीजें भी देखते हैं। सबसे पहले आपकी इनकम और नौकरी की स्थिरता देखी जाती है। अगर आपकी कमाई नियमित है और नौकरी स्थिर है, तो आपको बेहतर शर्तों पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
इसके बाद बैंक आपका डेट-टू-इनकम रेशियो देखते हैं, यानी आपकी कमाई के मुकाबले पहले से कितना लोन चल रहा है। आपकी उम्र, प्रोफेशन और आप किस शहर में रहते हैं, ये बातें भी लोन की शर्तों को प्रभावित करती हैं।
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