महंगाई से जल्द मिलेगी राहत, Citi ने क्रूड के गिरकर 70 डॉलर तक आने की जताई उम्मीद

Citi India में चीफ इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक खत्म हो जाने की उम्मीद है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो जाएगी। ऐसा होने पर फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट में भी कमी आएगी

अपडेटेड Nov 03, 2026 पर 3:07 PM
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ब्रेंट क्रूड का प्राइस 3 नवंबर को 1.6 फीसदी चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल चढ़ रहा था।

महंगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों से जल्द मिलेगी राहत। सिटी ने क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर 70 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाने की उम्मीद जताई है। उसने कहा है कि क्रूड की कीमतों में नरमी से रुपये को सपोर्ट मिलेगा। इस साल फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। पिछले कई हफ्तों से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।

मध्यपूर्व संकट इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत तक खत्म होगा

Citi India में चीफ इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक खत्म हो जाने की उम्मीद है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो जाएगी। ऐसा होने पर फ्रेट कॉस्ट और इंश्योरेंस कॉस्ट में भी कमी आएगी। क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों में इन दोनों का भी हाथ है।


क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से बैलेंस ऑफ पेमेंट पर दबाव घटेगा

उन्होंने कहा कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट पर दबाव कम होगा। इससे रुपये को भी सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि एक्सटर्नल अकाउंट पर दबाव जारी रह सकता है। इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बैलेंस ऑफ पेमेंट का घाटा करीब 12 अरब डॉलर रह सकता है।

क्रूड में नरमी से आगे रुपये में भी दिख सकती है रिकवरी 

चक्रवर्ती ने विदेशी निवेश में इम्प्रूवमेंट को भी अच्छा संकेत बताया। इस वित्त वर्ष में ग्रॉस एफडीआई 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। पोर्टफोलियो इनफ्लो भी अक्तूबर के मध्य से बढ़ा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने भी आगे रुपये में रिकवरी की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा है कि आगे डॉलर में कमजोरी आ सकती है और क्रूड ऑयल की कीमतें गिर सकती हैं। इसका पॉजिटिव असर रुपये पर पड़ेगा।

महंगे क्रूड की वजह से बढ़ा है भारत का इंपोर्ट बिल 

मार्च से क्रूड की कीमतों में लगातार तेजी का असर भारत के इंपोर्ट बिल पर पड़ा रहा है। इससे डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमतें गिरकर सबसे निचले स्तर पर आ गई थी। फिर इसे सहारा देने के आरबीआई के उपायों का असर दिखा। पिछले कुछ हफ्तों में रुपये में अच्छी रिकवरी दिखी है।

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ब्रेंट क्रूड 3 नवंबर को 106 डॉलर प्रति बैरल पर 

ब्रेंट क्रूड का प्राइस 3 नवंबर को 1.6 फीसदी चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल चढ़ रहा था। WTI क्रूड भी 98 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की उम्मीद और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर नए हमलों से इनका कर करने के बाद क्रूड में नरमी आई है। बीते हफ्ते ब्रेंट क्रूड का भाव 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। महंगे क्रूड की वजह से से दुनियाभर में महंगाई बढ़ रही है।

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