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Claiming Will in India: वसीयत से संपत्ति कैसे करें क्लेम? नॉमिनी और प्रोबेट के ये नियम जानना है बेहद जरूरी

Nominee vs Beneficiary Property Rights: अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बैंक खाते, म्यूचुअल फंड या शेयर में जिसे नॉमिनी बनाया गया है, वही उस संपत्ति का असली मालिक बन जाता है। कानूनी रूप से यह धारणा बिल्कुल गलत है। कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन होता है। उसका काम सिर्फ संपत्ति को संभालना होता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Jul 30, 2026 पर 5:09 PM
Claiming Will in India: वसीयत से संपत्ति कैसे करें क्लेम? नॉमिनी और प्रोबेट के ये नियम जानना है बेहद जरूरी
सबसे बड़ी गलतफहमी 'नॉमिनी' और 'वसीयत के लाभार्थी' को एक ही समझने से होती है

Inheritance and Will Rules in India: किसी रिश्तेदार या परिजन के निधन के बाद उनकी संपत्ति जैसे- बैंक में पड़े रुपए, इनवेस्टमेंट, म्यूचूअल फंड्स और प्रॉपर्टी के बंटवारे में वसीयत की भूमिका सबसे अहम होती है। हालांकि, वसीयत होने के बावजूद कई बार कानूनी जानकारी न होने के कारण वारिसों को संपत्ति अपने नाम कराने में लंबी कागजी कार्रवाई और कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है।

सबसे बड़ी गलतफहमी 'नॉमिनी' और 'वसीयत के लाभार्थी' को एक ही समझने से होती है। आइए आपको बताते हैं कि भारत में वसीयत के जरिए संपत्ति का दावा कैसे किया जाता है और इसके लिए किन नियमों और दस्तावेजों की जरूरत होती है।

नॉमिनी ही मालिक नहीं होता, ये है सबसे बड़ी गलतफहमी

अधिकांश लोग यह मानते हैं कि बैंक खाते, म्यूचुअल फंड या शेयर में जिसे नॉमिनी बनाया गया है, वही उस संपत्ति का असली मालिक बन जाता है। कानूनी रूप से यह धारणा बिल्कुल गलत है। कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक ट्रस्टी या कस्टोडियन होता है। उसका काम सिर्फ संपत्ति को संभालना होता है।

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