Aadhaar Update: अब नहीं हो पाएगा आधार का मिसयूज, जन्म से लेकर मृत्यु तक होगी डिटेल, जानिए UIDAI का प्लान

Aadhaar Update: आधार (Aadhaar) के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब जन्म से लेकर मृत्यु तक हर डेटा (birth and death data) को आधार से जोड़ा जाएगा

अपडेटेड Sep 27, 2022 पर 11:46 AM
देश में कई ऐसे मामले सामने आए हैं। जिनमें लाभार्थी की मौत के बाद भी आधार का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Aadhaar Update: आधार कार्ड देश के नागरिकों के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है। सरकारी कामकाज हो या प्राइवेट काम हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। हाल ही में आधार कार्ड को बनाने वाली Unique Identification Authority of India (UIDAI) ने ताजा अपडेट जारी किया है। जिसमें आधार से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने समेत कई अहम कदम उठाए गए हैं। UIDAI के मुताबिक जन्म और मृत्यु के डेटा (birth and death data) को आधार से जोड़ा जाएगा।

वहीं नवजात शिशुओं को अस्थाई आधार नंबर (Temporary Aadhaar number) जारी किया जाएगा। बाद में इसे बायोमीट्रिक डेटा के साथ अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही मृत्यु के रजिस्ट्रेशन के रेकॉर्ड को भी आधार के साथ जोड़ा जाएगा। ताकि इन नंबरों के दुरुपयोग को रोका जा सके।

दो पायलट प्रोजेक्ट का प्लान


UIDAI के एक अधिकारी के मुताबकि, जन्म के साथ ही आधार नंबर अलॉट करने से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चे और परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। इससे हर किसी को सामाजिक सुरक्षा का लाभ (Social Security Benefits) मिल सकेगा। इसी तरह मृत्यु के डेटा से आधार को जोड़ने से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। अभी ऐसे कई मामले सामने आते हैं। जिनमें लाभार्थी की मौत के बाद भी उसके आधार का इस्तेमाल हो रहा है। इसके लिए जल्दी ही 2 पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।

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जन्म और मृत्यु का डेटा

मौजूदा समय में पांच साल के बच्चों का बायोमीट्रिक डेटा लिया जाता है। इस प्रोजेक्ट के तहत टीम बच्चों के घर जाकर उनकी बायोमीट्रिक डिटेल लेकर उन्हे परमानेंट आधार नंबर दे सकती है। बच्चे की उम्र 18 साल होने पर बायोमीट्रिक को फिर से रजिस्टर किया जाता है। पांच से 18 साल की उम्र वाली 93 फीसदी आबादी का आधार रजिस्ट्रेशन है लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में यह संख्या सिर्फ ल 25 फीसदी है।

UIDAI के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जनरल अशोक पाल सिंह ने कहा कि नवजात बच्चों को प्रॉविजनल आधार नंबर जारी करने का प्रावधान पहले से ही है। लेकिन इस प्लान को अब लागू किया जा रहा है।

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