Atal Pension Yojana: अक्टूबर के महीने से नई तिमाही और दूसरी छमाही की शुरुआत हो चुकी है। इस बीच मोदी सरकार की पॉपुलर स्कीम अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana -APY) में एक बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने फैसला किया है कि 1 अक्टूबर से वो लोग इस योजना से नहीं जुड़ पाएंगे, जो टैक्स भरते हैं। यह जानकारी सरकार की तरफ से जारी एक नोटिफिकेशन में दी गई है। इससे पहले केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना से जुड़ने के लिए ऐसी कोई शर्त लागू नहीं थी।
मौजूदा नियमों के तहत 18 से 40 साल तक उम्र वाले सभी भारतीय नागरिक APY के सदस्य बन सकते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक या पोस्ट ऑफिस की उस ब्रांच के जरिए अप्लाई करना होता है। जहां उसका सेविंग अकाउंट हो।
इस योजना में कम से कम 20 साल मंथली पैसे जमा करना जरूरी है। हर महीने कितना योगदान करना है, यह आपकी उम्र पर निर्भर करता है। 5000 महीना के लिए उसे 210 रुपये हर महीने योगदान करना होता है। 25 साल की उम्र में जुड़ने पर हर महीने 376 रुपये, वहीं 30 साल वाले के लिए यह योगदान 577 रुपये, 35 साल वाले के लिए 902 रुपये और 39 साल वालों के लिए 1318 रुपये जम करना होता है। अगर हस्बैंड और वाइफ दोनों अकाउंट खुलवाले हैं तो उन्हें यह योगदान अलग अलग करना होगा।
सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को फाइनेंशियल सिक्योरिटी उपलब्ध कराने के लिए इस पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इस स्कीम में निवेश करने वालों को 60 साल की उम्र पार करने के बाद हर महीने एक निश्चित पेंशन मिलती है। अक्टूबर 2022 से ऐसे लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा जो इनकम टैक्स भरते हैं। ऐसे टैक्सपेयर्स जो पहले से इस स्कीम में निवेश करते आए हैं, उन्हें आगे भी इस योजना का लाभ मिलता रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष के दौरान 99 लाख से ज्यादा नए APY अकाउंट खोले गए थे। इन्हें मिलाकर इस स्कीम में सब्सक्राइब करने वाले नागरिकों की कुल संख्या मार्च 2022 के अंत तक 4.01 करोड़ हो चुकी थी।