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Business Idea: ऐसा बिजनेस आइडिया जिसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा, सिंगल यूज प्लास्टिक का है सबसे बड़ा विकल्प

Business Idea: कुल्हड़ के बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार मदद कर रही है। लिहाजा सरकारी मदद से बेहद मामूली निवेश के साथ इसे शुरू किया जा सकता है और मोटी कमाई होने की पूरी संभावना है। यह सिंगल यूज प्लास्टिक का सबसे बड़ा विकल्प बन सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2022 पर 8:27 AM
Business Idea: ऐसा बिजनेस आइडिया जिसमें लागत कम और मुनाफा ज्यादा, सिंगल यूज प्लास्टिक का है सबसे बड़ा विकल्प
रेलवे स्टेशनों, बस डिपो, मॉल जैसी जगहों पर कुल्हड़ की मांग बढ़ सकती है।

Business Idea: सिंगल यूज प्लास्टिक के कारोबार से कई लोग जुड़े हुए थे। अब इस पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। लिहाजा इसके दूसरे विकल्पों की तलाश तेजी से शुरू हो गई है। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसा बिजनेस आइडिया दे रहे हैं। जिसमें लागत भी बहुत कम आएगी और बंपर कमाई होने की पूरी संभावना है। सिंगल यूज प्लास्टिक का यह सबसे बड़ा विकल्प उभर कर सामने आ सकता है। हम बात कर रहे हैं कुल्हड़ बनाने के बिजनेस (Kulhad making Business) के बारे में। इस बिजनेस को 50,000 रुपये लगाकर शुरू किया जा सकता है।

इसे शुरू करने के लिए मोदी सरकार आर्थिक मदद भी मुहैया करा रही है। हर गली, हर नुक्कड़ पर कुल्हड़ वाली चाय की मांग रहती है। ऐसे में आप कुल्हड़ बनाने और बेचने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के बंद होने से रेलवे स्टेशनों (Railway Station), बस डिपो (Bus Depot), एयरपोर्ट (Airport) और मॉल (Mall) में जल्द ही कुल्हड़ की डिमांड बढ़ सकती है।

कुल्हड़ को सरकार दे रही है बढ़ावा

सरकार कुल्हड़ बनाने के लिए बिजली से चलने वाली चाक मुहैया कराती है। जिसकी मदद से आसानी से कुल्हाड़ बना सकते हैं। खादी ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन विनय कुमार सक्सेना ने कुछ समय पहले जानकारी दी थी कि साल 2020 में केंद्र सरकार ने 25,000 इलेक्ट्रिक चाक बांटे थे। सरकार इन कुल्ह़ड़ों को अच्छी‍ कीमत पर खरीदती भी है। बता दें कि हाल ही में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कुल्हड़ को बढ़ावा देने के लिए प्लास्टिक या कागज के कप में चाय बेचने पर रोक लगाने की मांग की थी। वहीं केंद्र सरकार ने भी 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह से पाबंदी लगाने का ऐलान कर दिया। ऐसे में कुल्हड़ की मांग में इजाफे का फायदा उठाया जा सकता है।

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