भीषण गर्मी ने उत्तर भारत के लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। कई राज्यों में तो गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस मौसम में लोगों को न घर में चैन रहता है न ही बाहर। चिलचिलाती धूप और गर्म के हवा के थपेड़ों की मार लोग झेल रहे हैं। गर्मी की तपिश से बचने के लिए लोग तरह तरह के पैंतरे अपनाते रहते हैं। इस मौसम में किसी के घर में दिन रात एसी चलता है तो वहीं कुछ लोग कूलर से काम चलाते हैं। एयर कंडीशनर वाले कमरे में बैठते ही गर्मी छूमंतर हो जाती है और पसीने के साथ चिपचिपाहट की भी छुट्टी हो जाती है। लेकिन दिक्कत उन लोगों के लिए होती है जिनके घर में सिर्फ कूलर लगा हो।
कूलर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को उमस की समस्या काफी झेलनी पड़ती है। उमस के कारण एक मिनट भी चैन से बैठना मुश्किल हो जाता है। अगर कमरे में रूम कूलर या आउटडोर कूलर चलाने से उमस, चिपचिपाहट होती है। ऐसे में हम आपको इस समस्या को दूर करने के कुछ टिप्स बता रहे हैं।
कूलर से होने वाली उमसे को दूर करने के लिए अपनाएं ये टिप्स
अगर कूलर चलाने के बाद कमरे में उमस भर जाती है। पसीने के साथ आप चिपचिपाहट भी महसूस कर रहे हैं। ऐसे में नींद पूरी करना मुश्किल हो जाता है। इसकी वजह ये है कि कुछ लोग कमरे के अंदर ही कूलर रख लेते हैं। ये गलती बिल्कुल न करें। इसके बजाय कूलर को कमरे और खिड़की दरवाजे के बाहर ही रखें। इससे कमरे में उमस नहीं होगी और कमरे का तापमान भी ठंडा बना रहेगा। अगर आप किसी कारण से कूलर को बाहर नहीं रख पा रहे हैं। तब ऐसी स्थिति में कूलर के पंप को बंद करके चलाएं। इससे कमरे में उमस नहीं बनेगी।
पंखा चलाकर उमस को भगाएं दूर
वहीं अगर कूलर घर के भीतर है। कमरे में उमस बन रही है। तब ऐसी स्थिति में उमस कम करने के लिए कूलर के साथ साथ पंखा भी जरूर चलाएं। इसके साथ ही कमरे की खिड़कियों को हल्का खुला छोड़ दें। जिससे कमरे में वेंटिलेशन की दिक्कत न हो।
कूलर को फुल स्पीड पर चलाएं
कूलर को हाई स्पीड पर चलाएं। इससे कमरे में मौजूद उमस धीरे धीरे कम हो जाएगी। वहीं अगर कमरे में एग्जॉस्ट फैन लगा हुआ है तो कूलर के साथ साथ इसे भी चला दें। इससे कमरे की गर्म हवा एग्जॉस्ट के जरिए बाहर निकलती रहेगी।