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अप्रैल में 2% महंगी हुई घर की थाली, महंगे टमाटर और LPG ने बिगाड़ा जायका; क्या आगे भी हिलेगा बजट

क्रिसिल ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में टमाटर की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। जुलाई और अगस्त के दौरान इनकी कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। रबी की फसल के उत्पादन में अनुमानित 4-6% की गिरावट के कारण प्याज की कीमतें ऊंचे स्तर पर बने रहने का अनुमान है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 09, 2026 पर 1:38 PM
अप्रैल में 2% महंगी हुई घर की थाली, महंगे टमाटर और LPG ने बिगाड़ा जायका; क्या आगे भी हिलेगा बजट
पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के कारण निकट भविष्य में वनस्पति तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी रहने की आशंका है।

अप्रैल में घर पर बनने वाली शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों तरह की थालियों की कीमत में साल-दर-साल आधार पर 2% की बढ़ोतरी हुई। इसकी मुख्य वजह टमाटर की कीमतों में भारी उछाल और खाना पकाने वाले ईंधन की लागत में बढ़ोतरी थी। यह बात क्रिसिल इंटेलीजेंस की मासिक 'रोटी राइस रेट' (RRR) रिपोर्ट से सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिणी राज्यों में खेती का रकबा घटने से उत्पादन में कमी आई, जिसके चलते टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 38% का उछाल आया। वहीं, वैश्विक आपूर्ति के दबाव के कारण वनस्पति तेल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों की कीमतों में 7-7% की बढ़ोतरी हुई।

क्रिसिल इंटेलीजेंस के डायरेक्टर, पुष्न शर्मा का कहना है, "अप्रैल में घर पर बनी शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों तरह की थालियों की कीमत में साल-दर-साल आधार पर 2% की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि टमाटर, वनस्पति तेल और LPG सिलेंडर महंगे हो गए।"

क्रिसिल ने चेतावनी दी है कि आने वाले महीनों में टमाटर की कीमतें दबाव में रह सकती हैं। जुलाई और अगस्त के दौरान इनकी कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी वजह गर्मियों में बुवाई में कमी, कीमतों को लेकर कमजोर रुझान और उत्तरी भारत के प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में लू (हीटवेव) को लेकर जताई जा रही चिंताएं हैं।

प्याज हो सकती है महंगी

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