लगभग हर एक नौकरीपेशा व्यक्ति के पास ईपीएफ अकाउंट (EPF) अकाउंट होता ही है। इसमें हमारी सैलरी का एक हिस्सा जमा किया जाता है। ठीक उतना ही पैसा हमारे ऑफिस की तरफ से भी इस अकाउंट में जमा किया जाता है। ईपीएफ अकाउंट सैलरीड पर्सन को दिया जाने वाला एक रिटायरमेंट प्रोग्राम है। बता दें कि किसी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अगर आपको पैसों की सख्त जरूरत है तो आप अपने ईपीएफ अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं। मेडिकल इमरजेंसी के वक्त आप अपने ईपीएफ खाते से 1 लाख रुपये तक की रकम को निकाल सकते हैं।
एक साथ निकाल सकते हैं 1 लाख रुपये
इससे पहले आप केवल हॉस्पिटल की तरफ से खर्चों का ब्योरा उपलब्ध कराए जाने के बाद ही अपने ईपीएफ खाते से रकम को निकाल पाते थे। बाद में यह घोषणा की गई कि अस्पताल या दस्तावेज से अनुमान की आवश्यकता के बिना भी आप एक लाख रुपये तक की एकमुश्त चिकित्सा रकम को एडवांस के तौर पर निकाल सकते हैं। जो पैसा निकाला जा सकता है वह सदस्य के कम से कम 6 महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ता (डीए) या ब्याज के साथ सदस्य के हिस्से का योगदान है।
EPFO ने कहा था कि जानलेवा बीमारियों के मामले में, "मरीज को उसकी जान बचाने के लिए आपात स्थिति में तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य हो जाता है और ऐसी गंभीर स्थितियों में अस्पताल से अनुमान प्राप्त करना संभव नहीं है।" हालाँकि, इस विकल्प का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना आवश्यक है। बीमारी के इलाज के लिए सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल, ESIC या GCHS लिस्टेड हॉस्पिटल्स में एडमिट मरीजों के लिए रकम निकाली जा सकती है। आइये जानते हैं इसका पूरा प्रोसेस।
स्टेप 1- सबसे पहले आपको ईपीएफओ की वेबसाइट unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर जाना होगा।
स्टेप 2- इसके बाद आपको अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड दर्ज करना होगा और कैप्चा इंटर करके लॉगइन करना होगा।
स्टेप 3- इसके बाद आपके सामने एक पेज ओपन होकर आएगा। वहां पर आपको अपने बैंक और अकाउंट नंबर की डिटेल को दर्ज करके वेरिफाई करने के ऑप्शन को चुनना होगा। यह जानकारी आपके पीएफ खाते से जुड़ी हुई होती है। इसके बाद आपको नियम और शर्तों को स्वीकार करना होगा।
स्टेप 4- इसके बाद आपको ऑनलाइन सर्विसेज पर क्लिक करना होगा और मेडिकल इमरजेंसी के लिए क्लेम फॉर्म 31 को चुनना होगा।
स्टेप 5- इसके बाद आपको प्रोसीड फॉर आनलाइन क्लेम पर क्लिक करना होगा।
अगर रोगी को अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है, तो कर्मचारी को पीएफ निकासी की सुविधा का लाभ उठाने के लिए 45 दिनों के भीतर ईपीएफओ को चिकित्सा बिल जमा करना होगा।