रूपयों-पैसों से जुड़ी फ्रॉड की घटनाएं इन दिनों काफी तेजी से बढ़ी हैं। व्यक्तियों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बैंकों, क्रेडिट कार्ड या केवाईसी सेवाओं से होने का दावा करने वाले धोखाधड़ी वाले अब काफी आम हो चले हैं। कई सारे लोगों को इस तरह के फ्रॉड के बारे में पता भी चल चुका है और वे सतर्क भी हो गई हैं। ऐसे में अब जालसाजों ने लोगों के पैसों पर हाथ साफ करने के लिए एक नया तरीका निकाला है। जालसाज टैक्सपेयर्स को बिलकुल ही नए तरीके से निशाना बना रहे हैं।
टैक्सपेयर्स को ऐसे निशाना बना रहे हैं साइबर जालसाज
साइबर जालसाज टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर बेवकूफ बना कर उनके पैसे लूट रहे हैं। पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्वीट के मुताबिक एक वायरल मैसेज में ऐसा दावा किया गया है कि एक व्यक्ति को 15,490 रुपये के इनकम टैक्स रिफंड को मंजूरी दे दी गई है। ट्वीट के मुताबिक उस मैसेज में लिखा था कि आपको 15,490/- रुपये का टैक्स रिफंड अप्रूव किया गया है। यह रकम आपके अकाउंट नंबर 5xxxxx6755 में जमा की जाएगी। यदि यह सही नहीं है तो कृपया नीचे दिए गए लिंक पर जाकर अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट करें।
IT डिपार्टमेंट नहीं भेजता ऐसा कोई भी मैसेज
अगर आपका कोई रिफंड बकाया है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके पास इस तरह का कोई भी मैसेज नहीं भेजता है। इसके अलावा आपको एसएमएस लिंक में मिली वेबसाइट के लिंक पर अपनी किसी भी तरह की बैंकिंग जानकारी देने से बचना चाहिए। क्योंकि यह एक तरह की फिशिंग हो सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट किसी को भी उसकी बैंकिंग जानकारी के लिए कोई भी मेल नहीं भेजता है। इसके अलावा विभाग की तरफ से आपसे कभी भी पैन नंबर, पासवर्ड या फिर क्रेडिट कार्ड डिटेल के लिए कोई भी मेल नहीं किया जाता है।
ऐसे कर सकते हैं अपनी सुरक्षा
अगर आपको किसी से भी ऐसा कोई मेल मिलता है तो आप उसमें मिले लिंक को कभी भी ना खोलें। साथ ही आपको कोई भी अटैचमेंट ओपन नहीं करना चाहिए। अगर आपने गलती से किसी ऐसे लिंक पर क्लिक कर भी दिया है तो आप उस पर किसी भी तरह की बैंकिंग जानकारी देने से बचें। साथ ही आपको मैसेज से लिंक को कट करके कभी भी अपने ब्राउजर पर पेस्ट नहीं करना चाहिए। अगर आपको कभी भी ऐसा कोई मेल मिलता है तो आप इसकी शिकायत webmanager@incometax.gov.in पर कर सकते हैं।