Gas mantle: रोजमर्रा की चीजों में बहुत से ऐसी चीजें हैं। जिनका इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन कभी उस पर ध्यान नहीं देते हैं। गैस जलाई खाना बन गया। लेकिन कभी यह ध्यान नहीं दिया कि यह कौन सी गैस है। सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कभी जानने की कोशिश नहीं होती कि आखिर इसकी एक्सपायरी डेट कब है। हालांकि अगर जानने की कोशिश करेंगे तो सिलेंडर पर ही एक्सपायरी डेट लिखी रहती है। ऐसे ही हम लोग घर पर सिलेंडर के जरिए रोशनी भी करते हैं। इसमें मेंटल का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आज तक कभी जानने की कोशिश नहीं की है कि आखिर यह मेंटल किस चीज से बनता है?
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कोरा पर गैस सिलेंडर से जुड़े मेंटल पर कई सवाल दागे गए है। किसी ने पूछा कि मेंटल किस कपड़े से बनता है? वहीं कुछ लोग जानना चाहते थे कि ये पूरी तरह से जलने के बाद भी सफेद लाइट कैसे देता है? इंटरनेट पर जब लोगों ने इसके बारे में जानना चाहा तो तरह-तरह के जवाब आए।
Gas mantle किस धागे से बनता है?
दरअसल, गैस मेंटल सामान्य रेयन या सिल्क के कपड़े से बनाया जाता है। इसे मेटल नाइट्रेट से परिष्कृत (refined) किया जाता है। इसमें मेटल ऑक्साइट की जाली बन जाती है। जब इसे गर्म किया जाता है तो मेटल ऑक्साइड चमकने लगता है। थोरियम डाईऑक्साइड इसका मुख्य तत्व है। जब गर्म लपट इससे टकराती है तो यह चमकने लगता है। एक जमाने में यूरोप की सड़कों पर इससे ही रोशनी की जाती थी। हमारे देश में भी इसका काफी इस्तेमाल होता रहा है। आज भी जंगलों में या दूर कैम्पों में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
पहले इसका इस्तेमाल घरों में काफी होता था। जब इन्वर्टर आ गए हैं। तब से इसका इस्तेमाल कम हो गया है। हालांकि जहां बिजली की पहुंच नहीं है। अभी वहां इसका इस्तेमाल किया जाता है।