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अलग अलग पीएफ अकाउंट को एक साथ मर्ज करना है समझदारी, वरना भरना पड़ सकता है आपको ज्यादा टैक्स

नौकरी चेंज करने के बाद आपको अपने सभी पीएफ अकाउंट को एक में ही मिला लेना चाहिए। पीएफ फंड में ऑफिस और कर्माचारी दोनों की तरफ से कंट्रीब्यूशन दिया जाता है। जब भी आपका पीएफ अकाउंट ओपन किया जाता है तो आपको ईपीएफओ की तरफ से एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है। इसी के जरिए पीएफ अकाउंट को मैनेज किया जाता है। जब भी आप किसी दूसरी कंपनी में जॉब करने जाते हैं तो आपको अपना यूएएन नंबर उस कंपनी को देना होता है

Curated By: Abhishek Nandanअपडेटेड May 16, 2023 पर 10:26 PM
अलग अलग पीएफ अकाउंट को एक साथ मर्ज करना है समझदारी, वरना भरना पड़ सकता है आपको ज्यादा टैक्स
नौकरी चेंज करने के बाद आपको अपने सभी पीएफ अकाउंट को एक में ही मिला लेना चाहिए। पीएफ फंड में ऑफिस और कर्माचारी दोनों की तरफ से कंट्रीब्यूशन दिया जाता है

हम में से कई सारे लोग समय समय पर अपनी नौकरियों को बदलते रहते हैं। हालांकि नौकरी बदलने के दौरान अक्सर लोग एक अहम काम को करना भूल जाते हैं जिसकी वजह से आपको ज्यादा टैक्स भी चुकाना होता है। नौकरी चेंज करने के बाद आपको अपने सभी पीएफ अकाउंट को एक में ही मिला लेना चाहिए। पीएफ फंड में ऑफिस और कर्माचारी दोनों की तरफ से कंट्रीब्यूशन दिया जाता है।

नौकरी बदलने पर खोला जाता है नया पीएफ अकाउंट

जब भी आपका पीएफ अकाउंट (PF Account) ओपन किया जाता है तो आपको ईपीएफओ की तरफ से एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) दिया जाता है। इसी के जरिए पीएफ अकाउंट को मैनेज किया जाता है। जब भी आप किसी दूसरी कंपनी में जॉब करने जाते हैं तो आपको अपना यूएएन नंबर उस कंपनी को देना होता है। नौकरी बदलने के बाद उसी यूएएन नंबर के जरिए एक और पीएफ अकाउंट खोला जाता है।

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