Kisan Credit Card: झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने मार्च 2023 तक 25,50,000 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card -KCC) देने का लक्ष्य रखा है। इसमें कहा गया है कि मौजूदा समय में राज्य में 19.50 लाख से ज्यादा किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड अप्रूव किए जा चुके हैं। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत किसानों को 7 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है।
वहीं अगर कोई किसान समय पर कर्ज चुकाता है तो उसे फीसदी की छूट मिलती है। इतना ही नहीं सरकार भी अपनी ओर किसानों को कर्ज पर 3 फीसदी की छूट देती है। सरकार ने एक बयान में कहा है कि अगर किसान सही समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं तो उन्हें केवल 1 फीसदी की दर से ब्याज देना पड़ता है।
किसानों को मिला 900 करोड़ रुपये का लोन
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा है कि दिसंबर 2019 में झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार आने के बाद से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 900 करोड़ रुपये से ज्यादा लोन बांटा गया है। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि 15 नवंबर 2000 को झारखंड के गठन के बाद से 2019 के अंत तक सिर्फ 409 करोड़ रुपये लोन वितरण कार्यक्रम के तहत बांटा गया है। बयान में आगे कहा गया है कि मार्च 2023 तक 25.50 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। लोन वितरण कार्यक्रम के तहत प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
जानिए क्या है किसान क्रेडिट कार्ड
किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए 1998 में केंद्र सरकार की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की गई थी। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को कम दरों पर लोन दिया जाता है। इस स्कीम का खासियत यह है कि 1.60 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिल जाता है। वहीं 3 साल में किसान इसके जरिए 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। अगर लोन समय से खत्म कर दिया जाए तो इस क्रडिट कार्ड के जरिए ब्याज भी महज 4 फीसदी ही पड़ेगा। इसे बनवाना बेहद आसान है, हालांकि इसके लिए पीएम किसान स्कीम के तहत आपका बैंक अकाउंट होना चाहिए।