ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले काफी ज्यादा तेजी से बढ़े हैं। हाल ही में बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता अफताब शिवदासानी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। जिसमें उनको 1.50 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। अफताब को एक टेक्स्ट मैसेज भेजा गया था। जिसमें उनसे KYC डिटेल को सही करने की रिक्वेस्ट की गई थी। यह मैसेज एक निजी बैंक के नाम का इस्तेमाल करते हुए भेजा गया था। इधर बीच काफी तेजी से KYC धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। ऐसे में आपके लिए भी यह समझना जरूरी हो जाता है कि इससे किस तरह से खुद को बचाया जा सकता है।
ऐसे की जाती है KYC धोखाधड़ी
सबसे पहले तो आपके लिए यह समझना जरूरी है कि KYC धोखाधड़ी किस तरह से की जाती है और यह कितने तरीके से की जा सकती है। इसमें सबसे पहले तो आपको किसी बैंक के नाम से एक मैसेज या मेल भेजा जाता है। जिसमें आपको एक लिंक भी दी जाती है और उस पर जाकर आपके केवाईसी को अपडेट करने के लिए कहा जाता है। यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि आपको इस तरह के किसी भी मैसेज या मेल पर मिले लिंक को क्लिक नहीं करना है। क्योंकि यह एक फ्रॉड हो सकता है और आप इसका शिकार हो सकते हैं। आइये अब ये भी समझ लेते हैं कि आज कल धोखाधड़ी के कौन कौन से तरीके सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे हैं।
स्कैमर्स आपके सामने बैंकिंग अधिकारी होने का दिखावा करते हैं। इसके बाद वे आपसे केवाईसी अपडेट करवाने के नाम पर आपकी कुछ डिटेल्ट को भेजने के लिए कहते हैं। इसके अलावा वे मैसेज में यह भी कहते हैं कि अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आपका खाता बंद कर दिया जाएगा।
फिशिंग में जालसाज सोशल मीडिया या फिर किसी और तरह से आपकी संवेदनशील और निजी जानकारियों को हासिल कर लेते हैं। जिसके बाद वे खुद को बैंक अधिकारी के तौर पर पेश करके आपको एक कॉल करते हैं या फिर मैसेज भेजते हैं। इसमें आपसे ओटीपी मांगी जाती है। ध्यान रहे कि कभी भी आपको किसी भी कॉल, मैसेज या फिर मेल में किसी भी तरह की ओटीपी को शेयर करने से बचना चाहिए।
इसमें जालसाज सोशल नेटवर्किंग साइटों से आपकी जानकारी हासिल करते हैं और बैंक अधिकारी होने का नाटक करते हुए एक फर्जी कॉल करते हैं। जिसके बाद आपसे केवाईसी से जुड़ी जानकारियां मांगी जाती हैं। इसमें वे आपसे कोई ऐप भी इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं। जिसके जरिए आपसे एक कोड मांगा जाता है।
इसमें अक्सर आपके पास एक मैसेज भेजा जाता है जिसमें कि अपने केवाईसी को अपडेट करने के लिए एक खास नंबर दिया जाता है। इसे ही स्मिशिंग कहा जाता है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का सबसे अच्छा तरीका सावधानी है। यहां पर यह जानना जरूरी है कि बैंक कभी भी आपसे निजी जानकारियां नहीं मांगता है। इसके अलावा आपको अगर किसी भी तरह का कोई भी ऐसी कॉल, मैसेज, मेल या लिंक मिलता है तो उस पर आपको अपनी कोई भी बैंकिंग जानकारी नहीं देनी चाहिए।