आम जनता के लिए बढ़ती महंगाई (Inflation) इन दिनों वैसे ही परेशानी का सबब बनी हुई है, ऐसे में खबर ये है कि दूध के दाम (Milk Price) इस अक्टूबर तक उच्च स्तर पर ही रहेंगे। दिल्ली-NCR में एक प्रमुख दूध सप्लायर, मदर डेयरी (Mother Dairy) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि फीड और कच्चे माल की बढ़ती लागत और सप्लाई की चुनौतियों के कारण इस साल अक्टूबर तक दूध की कीमतें उच्च स्तर (Milk Price Hike) पर रहने की संभावना है।
मदर डेयरी और अमूल समेत सभी बड़े सप्लायर्स ने पिछले एक साल में चारे की ऊंची कीमत, मजबूत मांग और लंपी स्किन की खबरों के कारण कुछ असर का हवाला देते हुए दूध की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की है।
Financial Express के मुताबिक, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की सहायक कंपनी मदर डेयरी फ्रूट एंड वेजिटेबल्स के एमडी मनीष बंदलिश ने बताया, "फीड और कच्चे माल की लागत में तेज बढ़ोतरी के कारण इस साल दीवाली तक दूध की उच्च कीमतों से कोई राहत नहीं मिली है।"
इंडस्ट्री के सूत्रों ने कहा कि दूध की उत्पादन लागत में 65% से ज्यादा की हिस्सेदारी वाली फीड कॉस्ट एक साल पहले के 8 रुपए किलो से बढ़कर 20 रुपए किलो हो गई है।
मदर डेयरी ने पिछले साल दिसंबर में इनपुट कॉस्ट में बढ़त का हवाला देते हुए दिल्ली-NCR में दूध की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। पछले साल ये पांचवीं बार दूध की कीमतें बढ़ी थीं।
मदर डेयरी के एक बयान के अनुसार, "हम त्योहारों के बाद भी उपभोक्ताओं और संस्थानों दोनों से दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग में जबरदस्त इजाफा देख रहे हैं। दूसरी ओर, दिवाली के बाद कच्चे दूध की खरीद में उम्मीद के मुताबिक, तेजी नहीं आई है।"
NDDB के अध्यक्ष मीनेश सी शाह ने पहले कहा था कि पिछले एक साल में चारे और चारे की लागत में 25% की बढ़ोतरी हुई है और पशुओं में लंपी स्किन की बीमारी फैलने के कारण कुछ इलाकों में दूध उत्पादन में कुछ गिरावट आई है।
जनवरी में दूध की महंगाई दर 8.79% थी। पिछले साल फरवरी में साल दर साल 3.81% की उछाल के बाद से कीमतें बढ़ रही हैं।
ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडैक्स पर आधारित चारा मुद्रास्फीति की सालाना दर दिसंबर 2022 में 28.66% से बढ़कर जनवरी 2023 में 29.30% हो गई। जनवरी 2022 में, चारा मुद्रास्फीति 7.14% दर्ज की गई थी और तब से यह लगातार बढ़ रही है।