नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के लिए नया नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होगा। इसके तहत पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने अब सालाना पेंशन पाने या इससे बाहर निकलने के इच्छुक सब्सक्राइबर्स को नो योर कस्टमर (KYC) या निकासी से जुड़े डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। PFRDA ने कहा कि इससे NPS से बाहर निकलने के बाद सालाना पेंशन के भुगतान में तेजी आएगी और यह प्रक्रिया आसान होगी। पेंशन फंड रेगुलेटर ने फरवरी 2023 में जारी एक बयान में कहा कि उसने इंश्योरेंस रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) के साथ सहयोग में एन्यूटी खरीदने की प्रक्रिया को सरल बनाया है।
इसके तहत NPS से बाहर निकलने समय नोडल ऑफिसर/POPs के पास सब्सक्राइबर्स जो NPS निकासी फॉर्म जमा करेंगे, एन्यूटी सर्विस प्रोवाइडर्स (ASPs) उस फार्म का इस्तेमाल एन्यूटी या सालाना पेंशन को जारी करने के लिए कर सकते हैं।
ASPs उन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को कहते हैं, जो IRDAI के रेगुलेशन में आते हैं। साथ ही NPS ग्राहकों की सेवा करने और पेंशन के साथ उनकी वृद्धावस्था को सुरक्षित करने के लिए PFRDA के साथ सूचीबद्ध हैं।
PFRDA ने यह भी कहा था कि सभी नोडल ऑफिसर/POPs, सब्सक्राइबर्स को इन चुनिंदा डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करने के महत्व के बारे में जागरूक कर सकते हैं। साथ ही उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सब्सक्राइबर्स की ओर से अपलोड किए गए निम्नलिखित डॉक्यूमेंट्स पढ़े जाने योग्य हो-
- एनपीएस एग्जिट/विदड्रॉअल फॉर्म
- विदड्रॉअल फॉर्म में पहचान और पते का प्रूफ
- परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) कार्ड की कॉपी
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लंबी अवधि के लिए निवेश प्लान है। इसमें निवेश के ज़रिए आप रिटायरमेंट पर एक बड़ा फंड हासिल कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस स्कीम में निवेश करने वाले लोगों को आयकर विभाग की धारा 80 - CCD (1B) के तहत 50 हजार रुपये और इनकम टैक्स की धारा 80-C के तहत 1.5 लाख रुपये का बेनिफिट भी मिलता है।