Old Pension Scheme: गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव के नतीजे आ गए हैं। गुजरात में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। वहीं हिमाचल प्रदेश में जनता ने हाथ का साथ दिया है। कांग्रेस ने दोनों राज्यों में अपने घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था। हिमाचल प्रदेश में सत्ता आने के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सूबे के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का फायदा मिलेगा। राज्य की 68 विधान सभा सीटों में से 40 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है। वहीं बीजेपी ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की है।
बता दें कि कई राज्यों में लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की मांग की जा रही है। 1 अप्रैल 2004 से देश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) बंद कर दी गई। हिमाचल में करीब 4.5 लाख सरकारी कर्मचारी हैं। बड़ी संख्या में रिटायर्ड कर्मचारी भी हैं।
पुरानी पेंशन योजना लागू करना बड़ी चुनौती
कांग्रेस को राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करना बड़ी चुनौती होगी। चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि राज्य में जल्द ही जनता से किए गए वादे पूरे किए जाएंगे। ऐसे में हिमाचल में सरकार का गठन होते ही कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का गिफ्ट मिल सकता है। कांग्रेस ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी है। इसके बाद हिमाचल और गुजरात में भी कांग्रेस लागू करने का वादा किया था। लेकिन सरकार के लिए फंड का इंतजाम करना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। राज्य पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है।
राज्य पर हजारों करोड़ का कर्ज
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमचाल राज्य सरकार पर करीब 70,000 करोड़ का कर्ज है। सितंबर 2022 में सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 2500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इससे पहले जुलाई में 1000 करोड़ और अगस्त में 1500 करोड़ रुपये का कर्ज लिया। सरकार पर पहले से ही 62,200 करोड़ रुपये का कर्ज था। ऐसे में पुरानी पेंशन योजना को लागू करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा।
बता दें कि पुरानी पेंशन में सरकार की ओर से पूरी पेंशन दी जाती थी। वहीं नई योजना के अनुसार कर्मचारी अपने वेतन का 10 फीसदी पेंशन में योगदान करते हैं। जबकि राज्य सरकार 14 फीसदी योगदान करती है।