Onion Price Hike: टमाटर (Tomato) के बाद ऐसा लगता है कि अब प्याज (Onion) भी रुलाने वाला है। व्यापारियों का कहना है कि सिंतबर तक अच्छी क्वालिटी वाली प्याज का भाव करीब-करीब दोगुना बढ़कर 50 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम हो जाएगा। Economics Times की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही भारत के बड़ी मात्रा में प्याज का स्टॉक हो, लेकिन इस साल बहुत ज्यादा गर्मी पड़ने के कारण ज्यादातर प्याज की गुणवत्ता खराब हो गई है, जिससे अच्छी क्वालिटी वाली प्याज के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि नासिक में बुधवार को प्याज का थोक भाव पांच रुपए से 24 रुपए प्रति किलोग्राम था। जबकि रिटेल कीमत 25 रुपए से 35 रुपए के बीच थी। व्यापारियों ने कहा कि प्याज की न्यूनतम और उच्चतम कीमतों के बीच का अंतर अच्छी क्वालिटी वाले प्याज की घटती सप्लाई के कारण है। उन्होंने कहा कि किसानों ने सप्लाई रोकनी शुरू कर दी है, क्योंकि उन्हें लगता है कि कीमतें जल्द ही बढ़ेंगी।
Onion Price Hike: दिल्ली को मिल रही घटिया क्वालिटी की प्याज!
रिपोर्ट में राजधानी के एक प्याज व्यापारी राजिंदर शर्मा ने कहा कि दिल्ली में आने वाली लगभग 30-40 फीसदी प्याज घटिया क्वालिटी की होती है, जिसके कारण पिछले महीने कीमतों में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है।
महाराष्ट्र के रहने वाले प्याज एक्सपोर्टर दानिश शाह ने कहा कि कम कीमत पर एकदम निचली क्वालिटी वाली प्याज की पर्याप्त सप्लाई से प्याज की कीमतों में समग्र बढ़ोतरी पर काबू रखने में मदद मिलेगी।
शाह ने कहा, "घरेलू स्तर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अच्छी क्वालिटी वाली प्याज की कीमत सितंबर तक थोक व्यापार में 30-35 रुपए प्रति किलोग्राम तक बढ़ने की संभावना है, जिसका रिटेल भाव 50 रुपए प्रति किलोग्राम या उससे ज्यादा होगा।"
Onion Price Hike: किस बात को लेकर चिंता?
ET की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में मुख्य खरीफ फसल दिवाली के आसपास शुरू होती है। हालांकि, इस साल दक्षिणी फसल को लेकर चिंताएं हैं।
शाह ने कहा, “आम तौर पर, हमें सितंबर और अक्टूबर में कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से प्याज की पूरी आवक मिलती है। हालांकि, इस साल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में प्याज की खेती 60-70 प्रतिशत कम हो गई है, क्योंकि पिछले दो सालों की कम कीमतों के कारण किसानों ने रकबा कम कर दिया है।"
ET की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के प्याज उत्पादन में 30 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी रखने वाले महाराष्ट्र में प्याज की फसल की रोपाई में देरी भी चिंता का बड़ा कारण है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
शाह ने कहा कि अगर दक्षिण भारत में फसल अवधि के दौरान बारिश नई फसल को खराब कर देती है, तो इससे प्याज की कीमतें और बढ़ सकती हैं।