हवाई जहाज से सफर अक्सर लोगों के टाइम की बचत करता है लेकिन कभी-कभी यह तब नुकसान करा देता है, जब फ्लाइट में सामान या तो टूट फूट जाता है या फिर खो जाता है। यह यात्री के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर देता है और उस पर जब कंपंजेशन चिल्लर जैसा हो तो फिर गुस्सा आना लाजमी है। इंडिगो के एक यात्री के साथ ऐसी ही एक घटना हुई है। असम के मोनिक शर्मा का इंडिगो की एक फ्लाइट में बैग खो गया। बैग में 45,000 रुपये का सामान होने की बात कही जा रही है। इस पर इंडिगो ने उन्हें सिर्फ 2,450 रुपये का मुआवजा दिया।
मोनिक शर्मा कोलकाता से गुवाहाटी के घरेलू रूट पर उड़ान भर रहे थे। शर्मा के एक दोस्त ने सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में पोस्ट किया है। पोस्ट के अनुसार, शर्मा ने अपना चेक-इन लगेज क्राउडस्ट्राइक आउटेज के दौरान खो दिया। यह वही आउटेज है, जिससे एयरलाइन्स का कामकाज बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ था। उन्होंने यह भी बताया कि बैग में 45,000 रुपये के सामान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस, PAN और आधार जैसे महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स भी थे।
इतना कम मुआवजा जले पर नमक छिड़कने जैसा
पोस्ट में लिखा गया है, “बैग को कोलकाता एयरपोर्ट पर चेक इन किया गया था। बैग कभी गुवाहाटी नहीं पहुंचा। यह बीच हवा में कैसे गायब हो सकता है? क्या प्लेन से बैग लीक हो रहे थे? करीब एक महीने बाद इंडिगो ने ₹2450 का मुआवजा देने की पेशकश की है। यह भद्दा मजाक है। सिर्फ बैग की कीमत इससे ज्यादा होगी। जाहिर है, एक नियम है कि एयरलाइन बैग खोने पर अधिकतम ₹350/किलोग्राम का भुगतान करती है। यह घाव पर नमक छिड़कने जैसा है।"
इंडिगो से लगाई है मदद की गुहार
शर्मा के दोस्त ने इंडिगो के सोशल मीडिया हैंडल पर जाकर एयरलाइन से अपने दोस्त की मदद करने का आग्रह किया। साथ ही कहा कि प्रस्तावित मुआवजा उसके लिए मददगार नहीं है। उन्होंने शर्मा के बोर्डिंग पास की एक तस्वीर भी साझा की। हालांकि यह अभी तक पता नहीं चल पाया है कि सामान का पता लगाया गया है या नहीं। यूजर ने एक फॉलो-अप ट्वीट जोड़ा है, जिसमें कहा गया है कि उसे इंडिगो की सोशल मीडिया टीम से एक कॉल आया, जिसमें मामले की आगे की जांच का आश्वासन दिया गया।