Pension Scheme: केंद्र सरकार की ओर से हर तबके के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि लोगों को अधिक से अधिक फायदा मिले। सरकार की ओर से कई ऐसी योजनाएं है, जिनमें मोटा मुनाफा मिलता है। आज हम आपको एक सरकारी योजना के बारे में बता रहे हैं। जहां निवेश करने पर सरकारी कर्मचारियों और प्राइवेट कर्मचारियों को अलग-अलग फायदा मिलता है। ऐसे में इन योजनाओं के बारे में आपकी जानने की इच्छा बढ़ गई होगी। दरअसल, हम बात कर रहे हैं सरकारी की ओर से चलाई जाने वाली पेंशन योजनाओं के बारे में। सरकार की ओर से निजी और सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन योजनाएं चलाई जाती हैं।
इसमें नौकरी के दौरान कर्मचारियों को अपने वेतन से कंट्रीब्यूशन करना रहता है। रिटायरमेंट पर एकमुश्त पैसा मिलने के साथ ही हर महीने पेंशन का भी फायदा उठा सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की योजना चलाई जा रही है। वहीं प्राइवेट कर्मचारियों के लिए इसी तर्ज पर एम्पलॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) की योजना चलाई जा रही है।
EPF की राशि हर कर्मचारी की सैलरी से काटी जाती है। बेसिक सैलरी का 12 फीसदी कर्मचारी के वेतन से EPF में जमा होता है। 12 फीसदी कंपनी भी देती है। जिसमें 8.33 फीसदी आपके पेंशन स्कीम (EPS) अकाउंट में और बाकी 3.67 फीसदी EPF में जमा होता है। अगर किसी कंपनी में 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो उसे EPF लागू करना होगा। इस पर मौजूदा समय में 8.15 फीसदी ब्याज मिल रहा है। सरकार की ओर से हर साल इसके ब्याज दर में बदलाव किया जाता है। जब नौकरी बदलते हैं तो पुराने PF अकाउंट को बंद करवा सकते हैं या फिर इसे ट्रांसफर भी करवाया जा सकता है। इस राशि का कुछ हिस्सा निकाला भी जा सकता है।
जनरल प्रोविडेंट फंड सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए होता है। प्राइवेट कर्मचारियों के लिए EPF होता है। फिलहाल GPF पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है। अगर कोई सरकारी कर्मचारी सस्पेंड हो जाता है तो वह GPF में जमा नहीं कर सकता है। जब कोई सरकारी कर्मचारी रिटायर होने वाला होता है तो, रिटायरमेंट से तीन महीने पहले GPF अकाउंट बंद हो जाता है। सरकारी कर्मचारी इसके एवज में एडवांस लोन भी उठा सकता है। जिसके बदले उसे ब्याज नहीं चुकाना होता है। लोन की राशि EMI के रूप में चुकानी होगी।
किसके हाथ में हैं दोनों योजनाएं
अब बात करते हैं कि GPF और EPF का रेगुलेशन या देखरेख कौन करता है? अगर GPF की बात की जाए तो यह कार्मिक मंत्रालय का पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के तहत आता है। वहीं, EPF को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करता है। EPFO भी एक सरकार नियंत्रित संस्था है। इस पर मिलने वाले ब्याज दर का फैसला EPFO ट्रस्ट की अपील पर केंद्र में वित्त मंत्रालय करता है।
PPF सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है। यह स्कीम आम पब्लिक के लिए है। इसमें खाता खुलवाकर कोई भी पैसा जमा कर सकता है। यह एक तरह का सेविंग फंड है। PPF खाता आप किसी भी डाकघर या बैंकों में खुलवा सकते हैं।