PM Kisan Samman Nidhi: उत्तर भारत के कई राज्य मानसूनी सीजन में ही सूखे की चपेट में आ गए हैं। धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। झारखंड के किसान इन दिनों सूखे की मार झेल रहे हैं। ऐसे में राज्य के सीएम हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने सरकारी खजाना खोल दिया है। राज्य के 23वें स्थापना दिवस के मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने 31 लाख किसानों को 3,500 रुपये देने का ऐलान किया है। इससे सूखे की मार झेल रहे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे किसानों को डबल फायदा होगा। झारखंड के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के अलावा ये फायदा मिल रहा है। ऐसे में किसानों को 13वीं किश्त के पहले झारखंड सरकार से पैसे मिलने की उम्मीद है।
सीएम ने कहा कि पहले तो किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिलता था। लेकिन इस बार हमारी सरकार ने समय से पहले किसान भाइयों को खाद और बीज मुहैया कराने का काम किया है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने राज्य में पहचान किए गए सूखे से पीड़ित 226 प्रखंडों में करीब 31 लाख किसान परिवारों को सूखे से निपटने के लिए 3,500 रुपये की राशि तत्काल मुहैया कराने का फैसला किया है। सोरेने ने आगे कहा कि हमारे पूर्वजों ने यहां के लोगों के अस्तित्व और सम्मान के लिए कई लड़ाइयां लड़ी हैं। इस दौरान वो न कभी रुके और न कभी थके। उन्होंने कहा कि लोगों को रोजगार देने के लिए भी उनकी सरकार तेजी से काम कर रही है जिसके लिए सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
बिहार सरकार ने भी खोला खजाना
इससे पहले बिहार सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लिया था। बिहार सरकार ने सूखे की मार झेल रहे किसानों के अकाउंट में 35,00 रुपये ट्रांसपर करने का फैसला किया था। कोई भी प्रभावित परिवार छूटे नहीं इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहते किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं। किसानों को ये पैसे 3 किश्तों में जारी किए जाते हैं। हर एक किश्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं। झारखंड, बिहार के किसानों को राज्य सरकार के अलावा पीएम किसान सम्मान निधि के पैसे अलग से मिलेंगे। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।