PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं। ये पैसे साल में 3 किश्तों में दिए जाते हैं। हर एक किश्त में 2,000 रुपये मिलते हैं। इस योजना में परिवार के एक ही सदस्य को लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में 7 लाख से ज्यादा ऐसे किसान हैं। जिन्होंने फर्जीवाड़ा के जरिए पीएम किसान सम्मान निधि का लाभा लिया है। भूलेख सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है। अब सरकार इन फर्जी किसानों से पैसे वसूले जा रहे हैं। अब तक 26 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है। सरकार ने इनकी 13वीं किश्त पर रोक लगा दी है।
7 लाख से ज्यादा किसान अपात्र
पीएम किसान सम्मान निधि में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। इसी के चलते प्रशासन ने इस पर जांच पड़ताल शुरू कर दी। इसके लिए भूलेख सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वे पिछले कई महीनों से चल रहा है। सरकार ने जब सम्मान निधि की 12वीं किश्त जारी की थी। उस समय भी यह सर्वे चल रहा था। सर्वे के मुताबिक, यूनिक नंबरहोल्डर्स किसानों की संख्या सत्यापन से पहले राज्य में 2,17,98,596 थी। सत्यापन के बाद 2,10,87,849 का डेटा ही सही पाया गया है। इसी को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। जबकि कुल 7,10,747 किसानों को अपात्र माना गया है। 12वीं किश्त में उत्तर प्रदेश के किसानों को 48,324 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं 11वीं किश्त में प्रदेश के 2.6 करोड़ किसानों को 51,640 करोड़ रुपये दिए गए थे।
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि अपात्र किसानों से 25-26 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। अभी सर्वे का काम चल रहा है। जिसमें डेटा दुरुस्त किया जा रहा है। इससे अभी और अपात्र किसान सामने आ सकते हैं।
इन किसानों को नहीं मिलता लाभ
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के मुताबिक, पति-पत्नि दोनों पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ (PM Kisan Benefits) नहीं उठा सकते हैं। अगर कोई ऐसा करता है तो उसे फर्जी करार देते हुए सरकार उससे रिकवरी करेगी। इसके अलावा किसान परिवार में कोई टैक्स देता है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। यानी पति या पत्नी में से कोई पिछले साल इनकम टैक्स भरा है तो उन्हें इस योजाना का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करते हैं। तब ऐसी स्थिति में उसे भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। पीएम किसान में लैंड की ओनरशिप जरूरी है। वहीं अगर कोई किसान या परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है तो उसे लाभ नहीं मिलेगा।
इन्हें भी नहीं मिलेगा लाभ
इतना ही नहीं डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भले ही वो किसानी भी करते हों। इसके साथ ही 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ट कर्मचारियों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।