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PM Kisan Yojana: ये काम नहीं किया तो फंस जाएंगे 2000 रुपये, इन नियमों में हो गया बदलाव!

PM Kisan Yojana Rule: किसानों की आर्थिक मदद के लिए केंद्र सरकार कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भी इन्हीं योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत किसानों को 16 किश्तें मिल चुकी हैं। अब केंद्र सरकार 17वीं किश्त जारी करने की तैयारी कर रही है। इस बीच कहा जा रहा है कि नियमों बदलाव हो गया है। आइये जानते हैं अब क्या करना होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड May 28, 2024 पर 12:33 PM
PM Kisan Yojana: ये काम नहीं किया तो फंस जाएंगे 2000 रुपये, इन नियमों में हो गया बदलाव!
PM Kisan Yojana: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं।

देश में ज्यादातर किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। बहुत से ऐसे किसान हैं जिन्हें फसल का नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में केंद्र सरकार ने किसानों की आर्थिक मदद के लिए कई योजनाएं चलाती है। इसी तरह की एक योजना का नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) है। इस योजना के तहत अब तक किसानों को 16 किश्तों में फायदा मिल चुका है। देश के किसान 17वीं किश्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है।

बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहते किसानों को सालाना 6,000 रुपये मुहैया कराए जाते हैं। किसानों के ये पैसे 3 किश्तों में दिए जाते हैं। हर एक किश्त 2,000 रुपये की होती है। आमतौर पर पीएम किसान सम्मान निधि की पीएम पहली किश्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई, दूसरी किश्त 1 अगस्त से 30 नवंबर और तीसरी किश्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है।

क्या पीएम किसान के नियमों में हुआ बदलाव?

पीएम किसान की राशि कई किसानों को समय पर नहीं मिल पाती है। ऐसे में किसानों को मानना है कि शायद इस बार नियमों में बदलाव हो गया है। ऐसे में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि की योजना में सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है। योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को अपने बैंक अकाउंट को आधार से लिंक करना होगा। ऐसे ही KYC कराना भी बहुत जरूरी है। जिन किसानों ने KYC नहीं कराया है। उनकी किश्त अटक सकती है। ऐसे में अगर कुछ गड़बड़ी हुई, तभी किश्त के फंस सकते हैं। लिहाजा सबसे पहले जरूरी है कि किसान अपनी कागजी कार्रवाई दुरुस्त रखें।

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