Blackberry: आज कल डिजिटल का जमाना है। कोरोना वायरस महामारी के बाज डिजिटल पेमेंट में तेजी आई है। बहुत से लोग ऑनलाइन शॉपिंग करने लगे। ऐसे में पुणे के एक किसान ने ऑनलाइन का भरपूर फायदा उठाया। किसान को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी का रूख करना पड़ता था। इस बार घर बैठे ही अपनी फसल बेच दी। पुणे के इंदापुर के रहने वाले किसान महादेव बराल ने कमाल कर दिया। उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एमेजॉन के जरिए लाखों रुपये की जामुन की बिक्री की है। महादेव ने 3 टन से ज्यादा जामुन बेचे हैं।
एमेजॉन में जामुन बिकने के बाद से ये किसान अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। किसान ने जामुन के सीजन का भरपूर फायदा उठाया है। गांवों में भले ही जामुन को कोई नहीं पूछे, लेकिन शहरों में इसका रेट 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। पुणे के किसान को इस रेट का पूरा फायदा मिला है।
जामुन की फसल से प्रति एकड़ लाखों में कमाई
महादेव ने शुरुआती दौर में जामुन को मंडी में बेचने के लिए ले जाते थे। वो मुंबई, पुणे, सोलापुर की मंडी में जामुन बेच चुके हैं। जिसमें उन्हें 120 रुपये से 140 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पैसे मिले हैं। ऐसे में उन्हें प्रति एकड़ करीब 10 लाख रुपये उत्पादन मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान महादेव के बेटे अविनाश और अमर हाएर एजुकेटेड हैं। उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन से समझौता कर ऑनलाइन जामुन की बिक्री शुरू कर दी। एमेजॉन पर उन्होंने 200 रुपये से लेकर 280 रुपये किलो के हिसाब से जामुन बेचे। वहीं अच्छे मॉल्स में इनके जामुन की बिक्री हो रही है।
जामुन सेहत के लिए है बेहद फायदेमंद
डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन किसी दवा से कम नहीं है। रिसर्च में पता चला है कि जामुन के सेवन से ब्लड शुगर को कंट्रोल करना बेहद आसान है। जामुन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत कम होता है। इसके खाने से ब्लड शुगर का लेवल नॉर्मल रहता है। इसमें इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने वाले कंपाउंड होते हैं। जिसकी वजह से शरीर इस हॉर्मोन का बढ़िया इस्तेमाल करता है। आप जामुन का फल, जामुन की गुठली का चूर्ण, जामुन के पेड़ की छाल का चूर्ण या जामुन की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। वहीं जामुन का जूस भी पी सकते हैं।