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"हाउसिंग लोन की दरें बढ़ने से ग्राहकों पर ज्यादा असर नहीं होता, रियल एस्टेट में आगे भी डिमांड बनी रहेगी"- Keki Mistry, HDFC

लॉकडाउन और वर्क फ्रॉम होम के चलते लोगों ने बड़े घर की जरूरत को महसूस किया

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2022 पर 7:52 PM
"हाउसिंग लोन की दरें बढ़ने से ग्राहकों पर ज्यादा असर नहीं होता, रियल एस्टेट में आगे भी डिमांड बनी रहेगी"- Keki Mistry, HDFC
केकी मिस्त्री ने कहा - होम लोन पर ग्राहक को कई तरह की टैक्स छूट मिलती है

सीएनबीसी-आवाज़ को आज 17 साल पूरे हो गये। आपका चहेता चैनल आज 17वां जन्म दिन मना रहा है जो तब से लेकर आज तक देश में RETAIL EQUITY क्रांति का सूत्रधार बना रहा है। आवाज़ के 17वें जन्मदिन के अवसर एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री (Keki Mistry HDFC, Vice Chairman & CEO) ने चैनल से विशेष बातचीत की। मिस्त्री ने इस बातचीत में रियल्टी सेक्टर पर अपना नजरिया बताया। इसके आगे हाउसिंग की डिमांड कैसी रहेगी, कोरोना से रियल्टी सेक्टर में क्या बदलाव देखने को मिले हैं। इसके अलावा ब्याज की दरों पर पर भी केकी मिस्त्री ने अपनी राय दी।

कई सालों बाद साल 2021 में हाउसिंग में मजबूत मोमेंटम नजर आया है। इसमें कितना स्ट्रक्चरल और पेंट अप दिख सकता है और क्या ये मोमेंटम 2022 में भी जारी रह सकता है?

इसका जवाब देते हुए केकी मिस्त्री ने कहा कि 2017-20 में हाउसिंग की मांग टियर 2-3 शहरों से आई है। मुंबई के बाहरी इलाकों से घरों की मांग आई है। पिछले 3-4 सालों में लोगों की आय बढ़ी है। हालांकि रियल एस्टेट में कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। देखा जाये तो 2021 में घरों के वही दाम थे तो 2017 में थे। मेरा मानना है कि ओवर सप्लाई के कारण भी प्रॉपर्टी के दाम कम रहे।

फिर भी 2021 में रियल एस्टेट में मांग बढ़ी है। ब्याज दरें कम होने से भी घरों की मांग बढ़ी हैं। रियल एस्टेट की मांग बढ़ाने में कोरोना ने भी भूमिका निभाई है। लॉकडाउन में घरों में रहने की वजह और वर्क फ्रॉम होम के नये कल्चर की वजह से कोरोना काल में लोगों को बड़े घरों की जरूरत महसूस हुई। इसलिए आने वाले वक्त में भी मांग में तेजी बनी रहने की उम्मीद है।

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