SBI vs Post Office: मंथली इनकम स्कीम पर कौन दे रहा है ज्यादा ब्याज, एसबीआई या पोस्ट ऑफिस, जानें पूरा कैलकुलेशन

ये स्कीम सीनियर सिटिजन और रिटायर हुए लोगों के काफी काम आती हैं क्योंकि ये योजनाएं उन्हें रेगुलर कमाई का मौका देती है

अपडेटेड Jul 29, 2022 पर 7:12 PM
पोस्ट ऑफिय या SBI बैंक कौन दे रहा है मंथली इनकम पर ज्यादा ब्याज।

Monthly Income Scheme: मंथली इनकम प्लान स्कीम निवेशक को बिना किसी जोखिम के गारंटी रेगुलर मासिक इनकम देती है। ये स्कीम सीनियर सिटिजन और रिटायर हुए लोगों के काफी काम आती हैं क्योंकि ये योजनाएं उन्हें रेगुलर कमाई का मौका देती है। मंथली इनकम स्कीम में आपको हर महीने की तय तारीख पर ब्याज का पैसा कमाई के तौर पर मिलता है। यहां आपको डाकघर मंथली स्कीम और एसबीआई के मंथली स्कीम के बारे में बता रहे हैं कि दोनों के क्या फायदे और नुकसान हैं।

एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम (SBI Annuity Deposit Scheme)

एसबीआई की एन्युटी डिपॉजिट स्कीम बैंक की सबसे खास डिपॉजिट स्‍कीम्‍स (Deposit Schemes) में से एक है। SBI की स्कीम के तहत ग्राहकों को एक बार में ही सारे पैसे जमा करने होते हैं। फिर कुछ महीने बाद बैंक हर महीने आपको किश्त की तरह पैसा देता है। बैंक प्रिंसिपल पर ब्याज को कैलकुलेट (Rate of Interest) कर देता है। इस स्कीम में ग्राहकों को ब्याज तीन महीने की कम्पाउंडिंग (Rate of Interest on Compounding) पर कैलकुलेट किया जाता है।


मैच्योरिटी पीरियड

एन्युटी डिपॉजिट स्कीम (Annuity Deposit Scheme) में निवेश करने की समयसीमा अलग-अलग है। आप 36 महीने, 60 महीने, 84 महीने और 120 महीने के लिए निवेश कर सकते हैं। SBI की सकीम में निवेश के लिए अधिकतम की कोई लिमिट नहीं है लेकिन आपको न्यूनतम 1,000 रुपये निवेश करने होंगे। इस योजना के तहत ग्राहकों को अकाउंट खुलवाने पर यूनिवर्सल पासबुक (Universal Passbook) मिलती है। इस योजना में 18 साल से कम उम्र के भी लोग निवेश कर सकते हैं। इसमें अकाउंट सिंगल या ज्वाइंट दोनों खोले जा सकते हैं।

ऐसे समझें गणित

SBI की योजना में अगर निवेशक हर महीने 10,000 रुपये की मासिक आय करनी है तो उन्हें करीब 5 लाख रुपये निवेश करने होंगे। इसमें आपको 5.45% - 5.50% फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। सीनियर सिटिजन को 5.95 फीसदी से लेकर 6.30 फीसदी का ब्याज मिलता है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों को 0.5 फीसदी अधिक ब्याज मिलेगा।

पोस्ट ऑफिस मंथली स्कीम (Post Office Monthly Income Scheme)

पोस्ट ऑफिस (Post Office) मंथली इनकम स्कीम (POMIS) सरकारी स्मॉल सेविंग्स स्कीम है। इसमें निवेशक को हर महीने एक तय रकम मिलती है। पोस्ट ऑफिस की स्कीम में किसी तरह का जोखिम नहीं होगा। आइए जानते हैं इस स्कीम में कितना ब्याज मिलेगा।

मैच्योरिटी पीरियड

योजना के तहत अकाउंट में सिंगल या जॉइट अकाउंट के तहत एक साथ पैसा जमा किया जाता है। सालाना मिलने वाले ब्याज के बाद उस राशि को हर महीने अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस योजन का लॉक-इन पीरियड 5 साल है। फिर इसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जाता है। अगर मैच्योरिटी से पहले अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो जाती है तो अकाउंट को बंद हो जाएगा और पैसे नॉमिनी को दे दिये जाएंगे।

इतना मिलता है ब्याज

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में 6.6 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। अगर किसी निवेशक ने इसमें जॉइंट अकाउंट के जरिए 9 लाख रुपये का निवेश किया है तो सालाना 6.6 फीसदी की दर से 59,400 रुपए मिलेंगे। इस लिहाज से आपके ब्याज की मंथली रकम 4,950 रुपए होती है। इसे आप हर महीने ले सकते है। ये सिर्फ ब्याज की राशि है आपका मूलधन वैसे का वैसा ही रहेगा।

कितना कर सकते हैं निवेश

पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम के तहत सिंगल और जॉइंट दोनों अकाउंट खोले जा सकते हैं। इसमें सिंगल अकाउंट के लिए अधिकतम 4.5 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट के लिए अधिकतम 9 लाख रुपये निवेश कर सकते हैं। पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। कोई भी व्यक्ति जो 18 साल से ज्यादा उम्र का हो इस स्कीम के तहत अकाउंट ओपन करवा सकता है।

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