8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की होगी मौज! लेवल 1-5 वाले एंप्लाइज के HRA पर बड़ा अपडेट

8th Pay Commission HRA Hike: माना जा रहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग के तहत 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 5 तक के कर्मचारियों के HRA में बंपर इजाफा हो सकता है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों के हिसाब से ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक होने का अनुमान है

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 11:53 AM
समझिए नए नियमों के तहत किस शहर में रहने वाले कर्मचारी को कितना HRA मिल सकता है

8th Pay Commission HRA Hike Calculation: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी को लेकर खूब उत्सुकता है। इस नए वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा फायदा करीब 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा। इसी कड़ी में अब हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर एक बड़ा अनुमान सामने आया है।

माना जा रहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग के तहत 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 5 तक के कर्मचारियों के HRA में बंपर इजाफा हो सकता है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग शहरों के हिसाब से ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक होने का अनुमान है। आइए समझते हैं कि नए नियमों के तहत किस शहर में रहने वाले कर्मचारी को कितना HRA मिल सकता है।

क्या होता है HRA और यह कैसे तय होता है?


हाउस रेंट अलाउंस (HRA) केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पैसा कर्मचारियों को उनके रहने और घर के किराए के खर्च को पूरा करने के लिए सरकार की तरफ से दिया जाता है। नियमों के मुताबिक, जो कर्मचारी किराए के मकान में रहते हैं, वे इनकम टैक्स एक्ट के तहत इस भत्ते पर टैक्स छूट का दावा भी कर सकते हैं। सरकार ने शहरों की आबादी के हिसाब से देश को तीन श्रेणियों (X, Y और Z) में बांटा है, जिसके आधार पर HRA की दरें तय होती हैं:

X श्रेणी: 50 लाख से अधिक आबादी वाले महानगर (जैसे- दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि)।

Y श्रेणी: 5 लाख से 50 लाख तक की आबादी वाले बड़े शहर।

Z श्रेणी: 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर, कस्बे और ग्रामीण इलाके।

लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों का संभावित HRA

अगर सरकार 8वें वेतन आयोग में 2.0 फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को हरी झंडी देती है, तो लेवल 1 से 5 तक के कर्मचारियों के लिए मंथली HRA का ढांचा कुछ इस प्रकार हो सकता है:

लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों का संभावित HRA

कर्मचारी संगठनों की क्या है मांग?

बढ़ती महंगाई और शहरों में रहने के खर्च को देखते हुए कई केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने सुझाव दिया है कि HRA की दरों में और अधिक बढ़ोतरी की जानी चाहिए। संगठन की मांग है कि:

  • X श्रेणी के शहरों के लिए HRA बढ़ाकर 36% किया जाए।
  • Y श्रेणी के शहरों के लिए इसे 24% किया जाए।
  • Z श्रेणी के शहरों के लिए इसे 12% तय किया जाए।

इसके अलावा संगठनों का यह भी कहना है कि जैसे ही महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी हो, ठीक उसी अनुपात में HRA को भी ऑटोमैटिक रिवाइज किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ न पड़े।

कब तक आ सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

केंद्रीय कर्मचारियों को इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। 8वें वेतन आयोग ने 3 नवंबर 2025 से अपना आधिकारिक कामकाज शुरू कर दिया था। अगर हम पिछले वेतन आयोगों के इतिहास और उनके काम करने के तौर-तरीकों को देखें, तो आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में समय लगता है। माना जा रहा है कि वेतन आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत सिफारिशें फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच केंद्र सरकार को सौंप सकता है, जिसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।