Tomato Price Hike: टमाटर की कीमतों में 700% इजाफा, किसानों की हुई बल्ले-बल्ले, लेकिन कितने दिनों की है ये खुशी?

Tomato Price Hike: भारी बारिश (Heavy Rains) और मौसमी गतिविधियों के चलते कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई में रुकावट आई, जिसने कंज्यूमर की तो हालत खराब कर दी, लेकिन किसानों को खुश कर दिया है। आलम ये है कि कई घरों में लोगों ने कुछ समय के लिए टमाटर खाना ही बंद कर दिया है, वो भी तब, जब ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है

अपडेटेड Jul 18, 2023 पर 4:07 PM
टमाटर की कीमतों (Tomato Price) में करीब आठ गुना बढ़ोतरी ने भारत के कई किसानों (Farmers) को अमीर बना दिया है (PHOTO-PTI)

Tomato Price Hike: टमाटर की कीमतों (Tomato Price) में करीब आठ गुना बढ़ोतरी ने भारत के कई किसानों (Farmers) को अमीर बना दिया है। हालांकि, किसानों को हुआ ये लाभ लंबे समय तक चलने वाला नहीं है, क्योंकि जैसे ही आने वाले हफ्तों में सप्लाई बढ़ेगी, तो कीमतें नीचे आना शुरू हो जाएंगी। खाद्य मंत्रालय की तरफ से जुटाए गए आंकड़ों पर नजर डाली जाए, तो दिल्ली (Delhi) में रविवार को एक किलो टमाटर की कीमत 178 रुपए थी, जो 1 जनवरी की कीमत के मुकाबले 700% ज्यादा थी। राष्ट्रीय स्तर पर औसतन टमाटर की कीमत 120 रुपए प्रति किलोग्राम है।

भारी बारिश (Heavy Rains) और मौसमी गतिविधियों के चलते कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई में रुकावट आई, जिसने कंज्यूमर की तो हालत खराब कर दी, लेकिन किसानों को खुश कर दिया है। आलम ये है कि कई घरों में लोगों ने कुछ समय के लिए टमाटर खाना ही बंद कर दिया है, वो भी तब, जब ये सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सब्जियों में से एक है।

Bloomberg की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इश्वर गायकर और उनकी पत्नी ने इस सीजन में 2.4 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है, क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र के जुन्नर के पास 12 एकड़ में टमाटर बोए थे। ये आंकड़ा पिछले साल कमाए 15 लाख रुपए से कई गुना ज्यादा है।


ये दंपत्ति इस इलाके की सबसे बड़ी टमाटर सप्लायर है, जिसके पास फसल की देखरेख से लेकर सभी कामकाज के लिए 60 से 70 मजदूर भी हैं।

टमाटर की बढ़ती कीमत ने इश्वर को न सिर्फ करोड़पति बना दिया, बल्कि रातों रात वह अपने इलाके के एक सेलिब्रिटी भी बन गए और मीडिया वाले उनका इंटरव्यू लेने के लिए कतार में लगे हैं।

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इश्वर ने बताया, "करीब डेढ़ महीना पहले, टमाटर बमुश्किल 2.5 रुपए किलो बिक रहा था।" उन्हें साल 2021 में इसी सीजन में करीब-करीब 20 लाख रुपए का नुकसान भी हुआ था। उन्होंने बताया, "सप्लाई कम है, जबकि मांग मजबूत बनी हुई है।”

पिछले कुछ हफ्तों में उन्होंने करीब 350 टन टमाटर सप्लाई किए हैं और अगर सब कुछ ठीक रहा और मौसम की स्थिति अनुकूल रही, तो उन्हें और 150 टन टमाटर बेचने की उम्मीद है। वे हर साल तीन फसल काटते हैं, वर्तमान फसल 120 से 140 दिन पुरानी है।

मानसूनी बारिश और देश के कई हिस्सों में आई बाढ़ को कारण ट्रांसपोर्टेशन में आई रुकावट के चलते सप्लाई बाधित हुई है, जिससे दूसरी कई सब्जियों के दाम भी बढ़ रहे हैं।

देशभर में ये मुद्दा गर्म है। सोशल मीडिया पर लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ी हुई है। उपभोक्ता इस स्थिति के लिए भारी बारिश और अधिकारियों को बराबर दोषी ठहरा रहे हैं।

आम जनता के लिए क्या कुछ उम्मीदें?

सरकार ने ऐसे में आम जन को राहत देने के लिए कई लोकेशन पर अपनी मोबाइल वैन के जरिए कम कीमतों पर टमाटर बेचने शुरू कर दिया है। इस फैसला से कुछ राहत तो मिली है, लेकिन 1.4 अरब की आबादी वाले इस देश में दाम अब भी जनता की पहुंच से बहुत ऊपर है।

जुलाई और अगस्त मानसून सीजन में टमाटर आमतौर पर महंगा होता है, लेकिन इस साल ये कीमत बढ़ना मामूला बात नहीं है।

जहां ट्रकों की मूवमेंट बढ़ने से आने वाले कुछ हफ्तों में टमाटर की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है, तो वहीं किसान अपनी वर्तमान अच्छी किस्मत पर काफी खुशी मना रहे हैं।

महेंद्र निकम ने कहा, "मैंने कभी अपनी उपज को इतना ऊंचा दाम मिलते नहीं देखा।" उनके टमाटर की कीमत गुजरात के सूरत शहर में 130 रुपये प्रति किलोग्राम है। उन्होंने कुछ दिन पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा, "दो महीने से भी कम समय पहले, किसान सड़कों पर अपने टमाटर फेंकने या फिर पालतू जानवरों को खिलाने के लिए मजबूर थे।"

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