केरल के वायनाड जिले के कालपट्टा में रहने वाले पीसी मुस्तफा ने पैसे की कमी की वजह से पढ़ाई छोड़ दी थी। उनके पिता कॉफी के बागान में कुली का काम करते थे। मुश्किल से परिवार का गुजारा हो पाता था। मुस्तफा को बागान में काम करता देख एक टीचर ने उनके पिता को उन्हें दोबारा स्कूल भेजने के लिए मनाया। टीचर ने उनकी किताबों का खर्च उठाने का वादा किया।
अपना काम शुरू करने के लिए छोड़ी नौकरी
मुस्तफा ने पढ़ाई में अपनी जान लगा दी। उनकी मेहनत रंग लाई। उनका सेलेक्शन कालीकट के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) में हो गया। बाद में उन्होंने आईआईएम-बैंगलोर से मैनेजमेंट की भी पढ़ाई कर ली। उसके बाद उन्होंने एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी शुरू कर दी। लेकिन, उनका मन नौकरी में नहीं लगा। वह अपना काम शुरू करना चाहते थे।
डोसा घोल का बिजनेस शुरू करने का आइडिया सफल रहा
चेचेरे भाई शमसुद्दीन से मुलाकात के बाद उन्हें एक बिजनेस आइडिया के बारे में पता चला। दरअसल, तब आसपास की दुकानों पर बेचे जाने वाले डोसा के घोल की पैंकिंग काफी खराब होती थी। उसे प्लास्टिक बैग में बेचा जाता था। उसके ताजे होने की भी कोई गारंटी नहीं होती थी। मुस्तफा और शमसुद्दीन ने अच्छी पैंकिंग के साथ डोसा के ताजे घोल बेचने का बिजनेस शुरू करने का प्लान बनाया।
25000 रुपये के शुरुआती निवेश से शुरू किया बिजनेस
शमसुद्दीन ने 25,000 रुपये के निवेश के साथ 550 वर्ग फीट की जगह के साथ बिजनेस की शुरुआत कर दी। इस बिजनेस में शमसुद्दीन सहित उनके पांच चेचेरे भाई उनकी मदद करने लगे। तब उनके पास सिर्फ दो ग्राइंडर्स, एक मिक्सर और एक सीलिंग मशीन थी। शुरुआती 9 महीनों में उनकी रोजाना की बिक्री सिर्फ 100 पैकेट्स तक रही। लेकिन, मुस्तफा ने हिम्मत नहीं हारी।
आईडी फ्रेश फूड की वैल्यूएशन 4450 करोड़ रुपये
जल्द बिक्री बढ़ने लगी। मुस्तफा ने आईडी फ्रेश फूड ब्रांड से अपने प्रोडक्ट्स बेचना शुरू कर दिया। आज देश के 100 से ज्यादा शहरों में आईडी फ्रेश फूड के प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं। FY25 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 680 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी बीते 5 सालों में 20 फीसदी सीएजीआर से बढ़ रही है। इस साल जुलाई में आईडी फ्रेश फूड की वैल्यूएशन 4,450 करोड़ रुपये पहुंच गई है। Tracxn के डेटा के मुताबिक, कंपनी में मुस्तफा की हिस्सेदारी की वैल्यू 1,140 करोड़ रुपये है।
मुस्तफा की सफलता की कहानी प्रेरित करती रहेगी
आईडी फ्रेश फूड आज बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दे रही है। बिजनेस शुरू करने का प्लान बना रहे लोगों को मुस्तफा की कहानी दिलचस्प लग सकती है। छठी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने और दोबारा स्कूल जाने और मेहनत की बदौलत इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करने वाले मुस्तफा ने ऐसी मिसाल कायम की है, जो लोगों को प्रेरित करती रहेगी।