Credit Score: लोन की मंजूरी में क्रेडिट स्कोर एक जरूरी पैमाना होता है। ग्राहकों की साख का पता लगाने के लिए बैंक इसका इस्तेमाल करते हैं। 750 या इससे ज्यादा का स्कोर अच्छा माना जाता है। ऐसा होने पर लोन आसानी से अप्रूव हो जाता है। वहीं अगर आप पहली बार लोन ले रहे हैं तो क्रेडिट स्कोर को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। कभी-कभी कुछ लोगों को लगता है कि उनकी मोटी कमाई है तो आसानी से लोन मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होता है।
बता दें कि बैंकिंग सिस्टम के तहत लोन हासिल करने के लिए क्रेडिट स्कोर यानी सिबिल स्कोर देखा जाता है। अगर यह अपडेट नहीं है तो फिर लोन हासिल करने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर आपने कभी लोन नहीं लिया है तो आपका क्रेडिट स्कोर शून्य दिखेगा।
मकान, कार, बाइक या कोई भी महंगी चीज खरीदने के लिए अक्सर लोगों को बैंक से लोन लेने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सबसे पहले क्रेडिट स्कोर ही चेक किया जाता है। जिसमें अगर आपका स्कोर 750 से ज्यादा है तो बैंक आपको आसानी से लोन दे देती है। वहीं अगर आपका स्कोर 750 से कम रहता है तो बैंक लोन देने में आनाकानी करने लगती है। खास तौर से पर्सनल लोन लेने में और ज्यादा परेशानी आती है। इसकी वजह ये है कि बैंक इसे ज्यादा असुरक्षित मानते हैं। वहीं होम लोन या ऑटो लोन में ज्यादा दिक्कत नहीं आती है।
कैसे ठीक करें सिबिल स्कोर
ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि, बैड लोन की वजह से ही क्रेडिट स्कोर खराब होता है। लोन नहीं लेने की वजह से भी क्रेडिट स्कोर खराब हो जाता है। लिहाजा छोटे-छोटे लोन समय पर लेते रहने चाहिए। इन्हें समय पर चुकता भी कर देना चाहिए। जिससे आपका क्रेडिट स्कोर अपने आप ठीक हो जाएगा। वहीं FD के जरिए भी सिबिल स्कोर ठीक किया जा सकता है।